#देश दुनिया

पीओके में हिंसा से हालात बेकाबू, पाकिस्तान के आरोपों पर भारत का सख्त जवाब

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में शरणार्थियों के लिए विधानसभा सीटों के आरक्षण के मुद्दे पर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। कई शहरों में हिंसा, मौतों और इंटरनेट बंदी के बीच भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए वहां मानवाधिकार उल्लंघनों पर चिंता जताई है।

रावलकोट से शुरू हुआ आंदोलन, कई शहरों तक फैला विरोध

पीओके में मौजूदा आंदोलन की शुरुआत रावलकोट से हुई, जहां जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने प्रदर्शन आयोजित किए। देखते ही देखते विरोध मुजफ्फराबाद, मीरपुर और अन्य शहरों तक फैल गया। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़पों में कई लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं। हालात बिगड़ने के बाद कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं और जनजीवन प्रभावित हो गया।

सीट आरक्षण के फैसले पर भड़का विवाद

विरोध प्रदर्शनों की मुख्य वजह पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में रह रहे जम्मू-कश्मीर के शरणार्थियों के लिए विधानसभा की 12 सीटें आरक्षित करने का फैसला बताया जा रहा है। स्थानीय संगठनों का कहना है कि यह निर्णय क्षेत्रीय जनभावनाओं के खिलाफ है। दूसरी ओर, पाकिस्तान समर्थित प्रशासन इस फैसले को वापस लेने के संकेत नहीं दे रहा है, जिससे आंदोलन और तेज होता जा रहा है।

पाकिस्तान ने विदेशी साजिश का लगाया आरोप

इस्लामाबाद ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई का बचाव करते हुए कुछ तत्वों के विदेशी ताकतों से जुड़े होने का दावा किया है। हालांकि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठनों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के प्रशासन ने बातचीत की इच्छा जताई है, लेकिन सीट आरक्षण जैसे प्रमुख मुद्दों पर रुख बदलने से इनकार किया है।

भारत ने पाकिस्तान को घेरा, दुनिया से की हस्तक्षेप की अपील

भारत ने पीओके में हुई हिंसा और आम नागरिकों की मौतों पर चिंता जताते हुए पाकिस्तान पर असहमति को बलपूर्वक दबाने का आरोप लगाया है। विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि अपनी आंतरिक विफलताओं के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने की पाकिस्तान की कोशिशें सफल नहीं होंगी। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पीओके की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देने और मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए पाकिस्तान की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *