इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए पीएम मोदी, रक्षा, स्वास्थ्य और कृषि समेत कई अहम समझौतों पर बनी सहमति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे ने दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों को नई मजबूती दी है। जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा की। इस दौरान रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, समुद्री सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दोनों देशों ने साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इस यात्रा को भारत-इंडोनेशिया संबंधों के नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है।
पीएम मोदी को मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
जकार्ता में आयोजित आधिकारिक समारोह में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंटांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ प्रदान करने की घोषणा की। यह सम्मान उन विशिष्ट व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने इंडोनेशिया और उसके अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। सम्मान स्वीकार करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के प्रति इंडोनेशिया के स्नेह और दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता का सम्मान है।
रणनीतिक साझेदारी को मिली नई गति
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2018 में शुरू हुई व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब नए चरण में प्रवेश कर रही है। उन्होंने बताया कि भारत और इंडोनेशिया विकास, रक्षा, तकनीक, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को और व्यापक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच बढ़ता भरोसा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और क्षेत्रीय सहयोग को भी नई मजबूती देगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों में एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत साबित होगी।
रक्षा, समुद्री सुरक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग, सैन्य आदान-प्रदान, समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति जताई। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला लिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की उच्च गुणवत्ता वाली और किफायती दवाइयों की उपलब्धता इंडोनेशिया में और आसान बनाई जाएगी। साथ ही भारत इंडोनेशिया के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण में भी सहयोग करेगा।
कृषि और खाद्य सुरक्षा पर भी बनी सहमति
दोनों देशों ने कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत में विकसित उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं के बीज इंडोनेशिया को उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वहां की खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही आधुनिक कृषि तकनीक, सतत खेती और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में दोनों देश एक-दूसरे के अनुभव साझा करेंगे। इस सहयोग का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना है।
सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक मुद्दों पर साझा सोच
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की इंडोनेशिया यात्रा की 100वीं वर्षगांठ संयुक्त रूप से मनाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि योग्याकार्ता स्थित एक हजार वर्ष पुराने प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण परियोजना की शुरुआत दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक होगी। वैश्विक मुद्दों पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत आसियान (ASEAN) की केंद्रीय भूमिका का लगातार समर्थन करता है और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में संवाद एवं कूटनीति को सबसे प्रभावी रास्ता मानता है। उन्होंने फिलिस्तीन मुद्दे पर दो-राष्ट्र समाधान के समर्थन को भी दोहराया।
भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिला नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सांस्कृतिक सहयोग के नए समझौते दोनों देशों के बीच विश्वास को और मजबूत करेंगे। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक महत्व के बीच भारत और इंडोनेशिया की साझेदारी क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग के लिए अहम भूमिका निभा सकती है।