पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर झोटा की गोली मारकर हत्या, मां ने याद किए आखिरी शब्द
पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। उनकी मां के मुताबिक, झोटा को पहले से अपनी जान का खतरा महसूस होता था। वह अक्सर कहते थे, “मां, ये मुझे मार देंगे।” घटना के बाद पुलिस जांच और आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर कार्रवाई जारी है। वहीं, विपक्षी दलों ने पंजाब सरकार की कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ अभियान पर सवाल उठाए हैं।
मेडिकल स्टोर पर विवाद के दौरान चली गोली
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब परविंदर सिंह झोटा एक मेडिकल स्टोर संचालक से कथित तौर पर नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर सवाल कर रहे थे। झोटा अपने मोबाइल फोन से बातचीत की रिकॉर्डिंग भी कर रहे थे।इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक ने झोटा पर गोली चला दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, वारदात से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
सामने आया घटना का वीडियो
घटना का करीब पांच मिनट 49 सेकंड का एक वीडियो सामने आने की जानकारी है। इसमें झोटा मेडिकल स्टोर संचालक से कथित तौर पर दवाइयों की बिक्री को लेकर सवाल करते दिखाई देते हैं।वीडियो में वह ड्रग इंस्पेक्टर को बुलाने की बात कहते हुए संचालक से पिस्तौल नीचे रखने के लिए कहते हैं। इसी दौरान उनकी आवाज सुनाई देती है, “मार, मार, हम पर गोली चला।” इसके बाद गोली चलने की आवाज सुनाई देने का दावा किया गया है।वीडियो में झोटा और उनके साथी दुकान से बाहर भागते नजर आते हैं। एक अन्य वीडियो में आरोपी के हाथ में हथियार होने और झोटा का पीछा किए जाने का दावा किया गया है। बाद के दृश्यों में झोटा पास की एक दुकान में खून से लथपथ पड़े दिखाई देते हैं।
झोटा के साथ मौजूद चार अन्य लोग भी घायल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के दौरान झोटा के साथ मौजूद चार अन्य लोगों को भी गोली लगी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी के मुताबिक, आरोपी को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे थे। मामले में आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिस की आगे की कार्रवाई की स्थिति आधिकारिक जानकारी से स्पष्ट होगी।
नशे और प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ चलाते थे अभियान
परविंदर सिंह झोटा मानसा और आसपास के क्षेत्रों में नशे के इस्तेमाल तथा मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित दवाओं की कथित अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। वह सोशल मीडिया पर भी ऐसे मामलों से जुड़े वीडियो साझा करते थे।वर्ष 2023 में उन्होंने प्रतिबंधित दवाएं बेचने के आरोप में एक मेडिकल स्टोर संचालक को जूतों की माला पहनाकर बाजार में घुमाया था। इस मामले में दुकानदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। वहीं, झोटा पर भी मारपीट और जबरन घुसने से संबंधित मामला दर्ज किया गया था।यह पुराना मामला झोटा की गतिविधियों से जुड़े विवादों को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, इससे उनकी हत्या के पीछे की वजह अपने आप साबित नहीं होती। हत्या के कारणों का निर्धारण जांच के आधार पर ही किया जा सकेगा।
मां ने याद किए बेटे के आखिरी शब्द
परविंदर झोटा की मौत के बाद उनके परिवार में शोक का माहौल है। उनकी मां के मुताबिक, बेटा अक्सर अपनी जान को खतरा होने की बात कहता था। वह कहते थे, “मां, ये मुझे मार देंगे।”बेटे की हत्या के बाद मां का दर्द परिवार की चिंता और घटना की गंभीरता को सामने लाता है। अब यह भी जांच का विषय होगा कि झोटा को पहले किसी तरह की धमकी मिली थी या नहीं और क्या इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज कराई गई थी।
हत्या के बाद पंजाब की राजनीति में बयानबाजी तेज
घटना के बाद पंजाब की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने घटना को कानून-व्यवस्था की नाकामी बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग की।भाजपा नेता विजय सांपला ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। ये विपक्षी नेताओं के राजनीतिक आरोप हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जानी चाहिए।
कांग्रेस और अकाली दल ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता अर्शदीप गगोवाल ने झोटा को पिछले चार-पांच वर्षों से लोगों के लिए संघर्ष करने वाला व्यक्ति बताया। उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।वहीं, शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी नशे के मुद्दे पर पंजाब सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि नशा खत्म करने के वादों के बावजूद हालात में अपेक्षित बदलाव क्यों नहीं दिखाई दे रहा।इन बयानों के बाद नशे के खिलाफ सरकारी कार्रवाई और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
पुलिस जांच और आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी नजर
परविंदर सिंह झोटा की हत्या ने पंजाब में प्रतिबंधित दवाओं की कथित अवैध बिक्री और नशे के खिलाफ काम करने वाले लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं।फिलहाल मामले में पुलिस जांच महत्वपूर्ण है। आरोपी की गिरफ्तारी, वारदात का कारण और झोटा को पहले मिली कथित धमकियों से जुड़े तथ्यों की जांच से मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। साथ ही, यह भी देखना होगा कि पुलिस जांच में प्रतिबंधित दवाओं की कथित बिक्री को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।