राजस्थान कांग्रेस में घमासान: निकाय चुनाव के टिकट से डोटासरा के इस्तीफे की मांग तक पहुंचा विवाद, विश्वेंद्र सिंह को नोटिस
राजस्थान कांग्रेस में वरिष्ठ नेता विश्वेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच विवाद बढ़ गया है। पार्टी की अनुशासन समिति ने विश्वेंद्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है। विवाद की शुरुआत भरतपुर-डीग में निकाय चुनाव के टिकट वितरण से हुई थी। इसके बाद संगठन की कार्यप्रणाली और प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग तक मामला पहुंच गया।
निकाय चुनाव के टिकट वितरण से शुरू हुआ विवाद
राजस्थान कांग्रेस में विश्वेंद्र सिंह और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेद निकाय चुनाव के टिकट वितरण को लेकर सामने आए। विश्वेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि भरतपुर-डीग में टिकट देते समय पुराने और वफादार कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई।उन्होंने डीग के 40 वार्डों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। सिंह ने चुनावी नतीजों के लिए संगठन की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उनके बयानों के बाद पार्टी के भीतर राजनीतिक खींचतान तेज हो गई।
डोटासरा के इस्तीफे की मांग तक पहुंचा मामला
विवाद आगे बढ़ा तो विश्वेंद्र सिंह ने भरतपुर और डीग के जिला कांग्रेस अध्यक्षों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के इस्तीफे की मांग भी कर दी।इस बयान के बाद मामला केवल निकाय चुनाव के टिकट वितरण तक सीमित नहीं रहा। पार्टी संगठन में जवाबदेही और नेतृत्व की भूमिका को लेकर बहस शुरू हो गई।वहीं, गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोपों को खारिज किया। उन्होंने इस विवाद को बीजेपी के कथित टूलकिट से जोड़कर देखा। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप से प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति चर्चा में आ गई।
अनुशासन समिति ने विश्वेंद्र सिंह को भेजा नोटिस
विवाद के बीच कांग्रेस की अनुशासन समिति ने विश्वेंद्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। समिति के अध्यक्ष उदयलाल आंजना के मुताबिक, सिंह के हालिया बयानों और दो जिला कांग्रेस अध्यक्षों की रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया।नोटिस में विश्वेंद्र सिंह से सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। अब पार्टी उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकती है।इस घटनाक्रम को राजस्थान कांग्रेस में अनुशासन और संगठनात्मक मतभेदों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय विश्वेंद्र सिंह के जवाब और समिति की आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
भर्ती और REET के मुद्दों पर भी बढ़ी बयानबाजी
विवाद के दौरान भर्ती और रीट से जुड़े मुद्दों पर भी आरोप-प्रत्यारोप सामने आए। इन मुद्दों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी ने मामले को और चर्चा में ला दिया।हालांकि, संबंधित आरोपों पर अलग-अलग पक्षों ने असहमति जताई है। इसलिए इन दावों को संबंधित तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
नोटिस पर विश्वेंद्र सिंह की प्रतिक्रिया
कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी कार्रवाई के लिए स्वतंत्र है और वह अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर स्वतंत्र हैं।उनके इस बयान के बाद उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब देखना होगा कि सिंह अनुशासन समिति को क्या जवाब देते हैं और पार्टी उनके रुख पर क्या निर्णय लेती है।
क्या राजस्थान कांग्रेस में और बढ़ेगी अंदरूनी खींचतान?
विश्वेंद्र सिंह और गोविंद सिंह डोटासरा के बीच विवाद ने राजस्थान कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक मतभेदों को उजागर किया है। निकाय चुनाव में टिकट वितरण से शुरू हुआ मामला अब अनुशासन समिति तक पहुंच चुका है।फिलहाल सबकी नजर सात दिन के भीतर दिए जाने वाले जवाब और समिति के अगले फैसले पर है। यह विवाद पार्टी के भीतर सुलझता है या आगे और राजनीतिक हलचल पैदा करता है, इसका संकेत आने वाले दिनों में मिल सकता है।