माथे पर पट्टी, हाथ में लाठी… संसद पहुंचे पप्पू यादव, NEET विवाद पर सरकार को घेरा
संसद के मानसून सत्र के दौरान पूर्णिया से निर्दलीय सांसद Pappu Yadav अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में रहे। माथे पर पट्टी और हाथ में लाठी लेकर संसद पहुंचे पप्पू यादव ने इसे छात्रों के समर्थन और NEET पेपर लीक विवाद के विरोध का प्रतीक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया है। वहीं, संसद में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज रही।
माथे पर पट्टी और हाथ में लाठी लेकर संसद पहुंचे
मंगलवार को संसद परिसर में पप्पू यादव का अलग अंदाज सभी का ध्यान अपनी ओर खींचता नजर आया। माथे पर मेडिकल पट्टी और हाथ में लाठी लेकर पहुंचे सांसद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका यह रूप किसी व्यक्तिगत चोट का नहीं, बल्कि छात्रों के समर्थन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देशभर में परीक्षा प्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं और छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनके इस विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुए।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना
पप्पू यादव ने NEET पेपर लीक विवाद और छात्र प्रदर्शनों के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य कहे जाने वाले छात्र न्याय की मांग कर रहे हैं और उनकी आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए। उनका कहना था कि हाथ में लाठी और माथे की पट्टी छात्रों के साथ एकजुटता का संदेश है। हालांकि, छात्र आंदोलनों के दौरान हुई विभिन्न घटनाओं को लेकर अलग-अलग पक्षों के अलग-अलग दावे हैं और कई मामलों पर न्यायिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है।
एंटी पेपर लीक बिल पर संसद की नजर
संसद के मानसून सत्र में एंटी पेपर लीक बिल को लेकर भी दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार इस विधेयक पर चर्चा कर परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है। विपक्ष ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए पहले छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई पर सरकार से जवाब मांगा था। अब सभी दलों के बीच चर्चा की संभावना से संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सोमवार को हंगामे की वजह से नहीं चल सका सदन
सोमवार को संसद में छात्र आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। विपक्ष ने छात्र प्रदर्शनों पर सरकार से जवाब मांगते हुए चर्चा की मांग की, जबकि सरकार एंटी पेपर लीक बिल पर बहस शुरू कराना चाहती थी। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। बाद में Om Birla ने दोनों पक्षों से बातचीत कर गतिरोध समाप्त करने की कोशिश की और महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा सुनिश्चित करने की अपील की।
पेपर लीक पर राजनीतिक बहस जारी
NEET विवाद के बाद पेपर लीक का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख विषय बन चुका है। विभिन्न राजनीतिक दल परीक्षा प्रणाली में सुधार, जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। वहीं, संसद में इस मुद्दे पर होने वाली चर्चा और एंटी पेपर लीक बिल को लेकर सरकार तथा विपक्ष के रुख पर भी सभी की नजर बनी हुई है।