#पॉलिटिक्स

‘इस बार अपनों से लड़ना पड़ेगा’… अखिलेश यादव पर ओपी राजभर का बड़ा हमला, PDA और वोट बैंक पर उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख Om Prakash Rajbhar ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी का PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समीकरण पहले जैसा प्रभावी नहीं रहा और पार्टी अब अपने पारंपरिक वोट बैंक को बनाए रखने की चुनौती का सामना कर रही है। हालांकि, यह राजभर का राजनीतिक दावा है और इस पर समाजवादी पार्टी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पोस्ट से साधा निशाना

ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव पर हमला बोला। उन्होंने लिखा कि आने वाले चुनावों में समाजवादी पार्टी की सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष नहीं, बल्कि उसके अपने राजनीतिक सहयोगी और पारंपरिक समर्थक होंगे। राजभर ने दावा किया कि प्रदेश की राजनीति में तेजी से नए समीकरण बन रहे हैं और इसका असर आगामी चुनावों में देखने को मिल सकता है।

PDA समीकरण पर उठाए सवाल

राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी का PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) फॉर्मूला अब कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक पार्टी अब अपने पारंपरिक MY (मुस्लिम-यादव) वोट बैंक को बचाने की चिंता में है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन सामाजिक समूहों के सहारे समाजवादी पार्टी अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाती रही, उनमें अब दूसरे दल भी सक्रिय रूप से अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। यह राजनीतिक टिप्पणी है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।

राहुल गांधी और ओवैसी का भी किया जिक्र

अपने बयान में राजभर ने Rahul Gandhi और Asaduddin Owaisi का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और AIMIM जैसे दल भी उन वोटरों के बीच अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं, जिन्हें समाजवादी पार्टी अपना पारंपरिक समर्थन आधार मानती रही है। उनके अनुसार, इससे आने वाले समय में विपक्षी राजनीति के समीकरण बदल सकते हैं।

कानून-व्यवस्था को लेकर भी लगाए आरोप

ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की छवि कानून-व्यवस्था और अपराध से जुड़े मुद्दों पर सवालों के घेरे में रही है। राजभर ने कहा कि प्रदेश के कई इलाकों में लोग इस मुद्दे को लेकर अलग राय रखते हैं। हालांकि, इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से इस बयान के समय तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

2027 चुनाव को लेकर किया बड़ा दावा

राजभर ने दावा किया कि यदि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं तो 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को कठिन चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी को सिर्फ विरोधी दलों से ही नहीं, बल्कि अपने राजनीतिक आधार को बनाए रखने की भी चुनौती मिलेगी। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि “अखिलेश यादव को इस बार अपनों से लड़ना पड़ेगा।”

2027 से पहले तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष लगातार एक-दूसरे पर हमलावर हैं। ऐसे माहौल में नेताओं के बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं। आने वाले समय में इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया भी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन सकती है।

https://x.com/stvnewsonline

https://www.facebook.com/StvNews2006

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *