Panchana Dam Dispute: पानी की मांग पर अड़े किसान, आंदोलन जारी; रोडवेज बस सेवा ठप
राजस्थान के करौली जिले में पांचना बांध से जल निकासी को लेकर शुरू हुआ किसानों का आंदोलन अभी भी जारी है। नहरों में पानी पहुंचने के बावजूद किसान पानी का प्रवाह बढ़ाने की मांग पर अड़े हुए हैं। लगातार जारी धरना और सड़क जाम के कारण हिण्डौन, करौली और गंगापुर सिटी मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया है, जबकि राजस्थान रोडवेज ने कई रूटों पर बसों का संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
पानी पहुंचा, लेकिन किसानों की मांग अब भी पूरी नहीं
पांचना बांध से छोड़ा गया पानी कमांड क्षेत्र की नहरों के जरिए कई गांवों तक पहुंच चुका है। इसके बावजूद किसानों का कहना है कि नहरों में पानी का दबाव पर्याप्त नहीं है और यदि जल प्रवाह नहीं बढ़ाया गया तो अंतिम छोर के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी नहीं पहुंच पाएगा। किसानों का कहना है कि सभी गांवों और किसानों को समान रूप से सिंचाई का लाभ मिले, इसके लिए पानी की मात्रा बढ़ाई जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर आंदोलन और धरना जारी है।
सड़क जाम से यातायात ठप, यात्रियों को भारी परेशानी
किसानों के प्रदर्शन के कारण हिण्डौन-करौली और हिण्डौन-गंगापुर सिटी मार्ग पर कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। लगातार बाधित यातायात का असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों और दैनिक आवागमन पर भी पड़ा।
रोडवेज बस सेवा बंद, वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा
आंदोलन और सड़क जाम को देखते हुए राजस्थान रोडवेज ने सुरक्षा के मद्देनजर हिण्डौन-करौली और हिण्डौन-गंगापुर सिटी रूट पर बसों का संचालन फिलहाल रोक दिया है। इससे बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही मार्ग पूरी तरह से सुचारु होगा, बस सेवाएं फिर से शुरू कर दी जाएंगी। तब तक यात्रियों को निजी वाहनों या दूसरे मार्गों का उपयोग करना पड़ रहा है।
जल पूजन कार्यक्रम टला, अधिकारियों की वार्ता भी बेनतीजा
कुसमाय गांव में पानी पहुंचने के बाद जल पूजन कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन निर्धारित समय पर कार्यक्रम नहीं हो सका। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत गंगापुर सिटी पहुंचे, लेकिन कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पाया। वहीं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी किसानों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। विरोध जारी रहने के कारण अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा।
आज फिर होगी वार्ता, समाधान की कोशिश जारी
इससे पहले कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा भी किसानों से बातचीत कर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी। अब प्रशासन और जनप्रतिनिधि एक बार फिर किसानों के साथ वार्ता की तैयारी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बातचीत के माध्यम से ऐसा समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, जिससे किसानों की सिंचाई संबंधी चिंताओं का समाधान हो और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।