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जन्मदिन पर घर आने की थी तैयारी, लेकिन तिरंगे में लिपटकर लौटा वायुसेना का जवान

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के रहने वाले भारतीय वायुसेना के जवान आर्यन झाझड़िया का चेन्नई में ड्यूटी के दौरान पानी में डूबने से निधन हो गया। 22 वर्षीय जवान कुछ ही दिनों बाद अपना जन्मदिन मनाने और छुट्टी पर घर आने वाले थे, लेकिन परिवार का इंतजार मातम में बदल गया। उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर पैतृक गांव पहुंचा, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

जन्मदिन से पहले घर आने वाले थे आर्यन

परिवार के अनुसार, आर्यन झाझड़िया 14 जुलाई को अपना 23वां जन्मदिन मनाने वाले थे और इसी सप्ताह छुट्टी लेकर घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। घर में उनके स्वागत की तैयारियां चल रही थीं। माता-पिता बेटे के साथ समय बिताने की योजनाएं बना रहे थे, लेकिन इसी बीच भारतीय वायुसेना से आई सूचना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। परिवार का इंतजार उस समय दर्द में बदल गया, जब यह खबर मिली कि ड्यूटी के दौरान आर्यन का निधन हो गया है।

चेन्नई में ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, भारतीय वायुसेना में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात आर्यन झाझड़िया का 5 जुलाई को चेन्नई में ड्यूटी के दौरान पानी में डूबने से निधन हो गया। वह करीब ढाई वर्ष पहले भारतीय वायुसेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में चेन्नई में अपनी सेवाएं दे रहे थे। हादसे के बाद सेना ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर परिजनों को सूचना दी। उनके मामा चेन्नई पहुंचे और पोस्टमार्टम सहित अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी करवाई।

तिरंगे में लिपटकर पहुंचा पार्थिव शरीर, राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार

सेना की ओर से आर्यन का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से पहले दिल्ली लाया गया, जिसके बाद उसे उनके पैतृक गांव पीपल का बास (मंडावा, झुंझुनूं) पहुंचाया गया। गांव में बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। प्रशासन और सेना की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

देश सेवा का सपना किया था साकार

आर्यन झाझड़िया ने हनुमानगढ़ के संगरिया स्थित केआर स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना में भर्ती होने का लक्ष्य तय किया और चिड़ावा में प्रशिक्षण लेकर अपने सपने को साकार किया। करीब ढाई वर्ष पहले उनका चयन भारतीय वायुसेना में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर हुआ। परिवार और परिचितों के अनुसार, वह मेहनती, अनुशासित और देश सेवा के प्रति समर्पित युवा थे।

इकलौते बेटे के जाने से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

आर्यन अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। परिवार में उनकी एक बड़ी बहन हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। पिता भागीरथ झाझड़िया ने अपने बेटे के नाम पर ही ‘आर्यन बस सर्विस’ की शुरुआत की थी। इस बार परिवार उनके जन्मदिन का इंतजार कर रहा था, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही मंजूर किया। बेटे के निधन से माता-पिता और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक की लहर है।

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