जयपुर में 40 नई ई-बसों का इंतजार, टोडी डिपो का चार्जिंग स्टेशन और चालक प्रशिक्षण बना बाधा
जयपुर में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 40 नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन दिवाली के बाद शुरू करने की तैयारी है। हालांकि, बसें उपलब्ध होने के बावजूद जरूरी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हो पाई हैं। टोडी डिपो का चार्जिंग स्टेशन तैयार नहीं होने और चालकों का प्रशिक्षण समय पर पूरा न होने से संचालन में देरी हो रही है। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (JCTSL) अब इन अड़चनों को दूर करने में जुटा है। शहर में फिलहाल करीब 60 ई-बसें बगराना डिपो से संचालित हो रही हैं।
दिवाली के बाद शुरू हो सकता है 40 नई ई-बसों का संचालन
जयपुर में इलेक्ट्रिक बस सेवा का विस्तार करने की योजना के तहत 40 अतिरिक्त बसें सड़कों पर उतारने की तैयारी है। JCTSL का लक्ष्य है कि दिवाली के बाद इन बसों का संचालन शुरू किया जाए।हालांकि, बसों की उपलब्धता के साथ चार्जिंग और प्रशिक्षित चालकों की व्यवस्था भी जरूरी है। इन तैयारियों में देरी के कारण नई बसें अभी यात्रियों की सेवा में शामिल नहीं हो पाई हैं।ऐसे में अब टोडी डिपो में जरूरी सुविधाएं पूरी करने और चालकों का प्रशिक्षण कराने पर जोर दिया जा रहा है।
टोडी डिपो का चार्जिंग स्टेशन अब तक तैयार नहीं
जयपुर में कुल 150 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना है। इसके तहत बगराना और टोडी डिपो से 75-75 बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक 98 ई-बसें जयपुर पहुंच चुकी हैं। शेष बसों के दिसंबर तक आने की संभावना जताई गई है। लेकिन टोडी डिपो में चार्जिंग स्टेशन तैयार नहीं होने से वहां से संचालन शुरू नहीं हो सका है।चार्जिंग स्टेशन इलेक्ट्रिक बसों के नियमित संचालन के लिए जरूरी है। इसके तैयार होने के बाद टोडी डिपो से 40 अतिरिक्त बसें चलाने का रास्ता खुल सकता है।
चालकों की ट्रेनिंग में देरी से भी प्रभावित हुई तैयारी
नई ई-बसों के संचालन में दूसरी बड़ी बाधा प्रशिक्षित चालकों की उपलब्धता है। इलेक्ट्रिक बस चलाने के लिए जरूरी प्रशिक्षण समय पर पूरा नहीं होने से संचालन की तैयारी प्रभावित हुई है।बसों को सड़कों पर उतारने से पहले चालकों को आवश्यक प्रशिक्षण देना जरूरी है। इसके बिना केवल बसों की उपलब्धता से सेवा शुरू नहीं की जा सकती।इसलिए चार्जिंग स्टेशन तैयार करने के साथ-साथ पर्याप्त चालकों का प्रशिक्षण पूरा करना भी JCTSL के लिए अहम है।
जयपुर में फिलहाल बगराना डिपो से चल रही हैं 60 ई-बसें
फिलहाल जयपुर में करीब 60 इलेक्ट्रिक बसें बगराना डिपो से संचालित हो रही हैं। वहीं, बगराना डिपो में मौजूद 40 अन्य बसों के संचालन में भी चालकों के प्रशिक्षण से जुड़ी चुनौतियां बताई गई हैं।इससे स्पष्ट है कि ई-बस सेवा का विस्तार केवल नई बसें पहुंचने पर निर्भर नहीं है। इसके लिए चार्जिंग सुविधाओं, प्रशिक्षित कर्मचारियों और संचालन संबंधी तैयारियों का एक साथ पूरा होना जरूरी है।यदि ये व्यवस्थाएं समय पर पूरी होती हैं, तो शहर में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।
JCTSL एमडी नारायण सिंह ने क्या कहा?
JCTSL के प्रबंध निदेशक नारायण सिंह के अनुसार, टोडी डिपो में चार्जिंग स्टेशन तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने इसे दिवाली से पहले शुरू करने की बात कही है।उन्होंने यह भी बताया कि बस कंपनी को चालकों का प्रशिक्षण पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की कोशिश है कि जरूरी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद टोडी डिपो से भी ई-बसों का संचालन शुरू किया जाए।हालांकि, सेवा शुरू होने की वास्तविक तारीख चार्जिंग स्टेशन की तैयारी और प्रशिक्षण पूरा होने पर निर्भर करेगी।
ग्रीन ट्रांसपोर्ट के विस्तार पर टिकी नजर
जयपुर में 150 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाने से जुड़ी है। लेकिन इसके लिए बसों की आपूर्ति के साथ बुनियादी ढांचे और कर्मचारियों की तैयारी भी समय पर पूरी होनी चाहिए।अब टोडी डिपो के चार्जिंग स्टेशन और चालक प्रशिक्षण की स्थिति महत्वपूर्ण होगी। इन दोनों अड़चनों के दूर होने के बाद ही 40 नई ई-बसों के संचालन की तारीख स्पष्ट हो सकेगी।