काले कपड़ों में संसद पहुंचा विपक्ष, छात्रों के मुद्दों और शिक्षा नीति पर सरकार को घेरा
संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने नीट परीक्षा से जुड़े विवाद, छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव सहित कई सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के अधिकार तथा लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा।
काले कपड़ों में संसद पहुंचा विपक्ष
संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने काले वस्त्र पहनकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि देशभर में छात्रों से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है। प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई सांसद शामिल रहे। विपक्ष का कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और युवाओं के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवाद और छात्रों के आंदोलनों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्र अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार, शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना लोकतांत्रिक अधिकार है और छात्रों की आवाज को सुना जाना चाहिए। विपक्ष ने शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने और युवाओं की चिंताओं पर प्रभावी कदम उठाने की मांग दोहराई।
खरगे ने लोकतांत्रिक मूल्यों का उठाया मुद्दा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी दलों की आवाज को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सख्ती बरती जा रही है। खरगे ने कहा कि संसद और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को संवाद और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए।
पवन खेड़ा ने बताया विरोध का उद्देश्य
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि विपक्ष का यह विरोध छात्रों से जुड़े मुद्दों, शिक्षा व्यवस्था और हाल के घटनाक्रमों के विरोध में आयोजित किया गया। उनके अनुसार, विपक्ष का उद्देश्य सरकार का ध्यान उन सवालों की ओर आकर्षित करना है जिन्हें लेकर देशभर में छात्र और युवा अपनी चिंता जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद लोकतांत्रिक विमर्श का सबसे बड़ा मंच है और ऐसे विषयों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
एक दिन पहले हिरासत में लिए गए थे कांग्रेस नेता
इससे पहले लोक कल्याण मार्ग के निकट आयोजित कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी के कई अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया। विपक्ष का कहना है कि वह लोकतांत्रिक तरीके से अपने मुद्दे उठाता रहेगा, जबकि सरकार की ओर से इस मामले में कानून-व्यवस्था के अनुरूप कार्रवाई किए जाने की बात कही गई थी।