राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में खंडवा में कांग्रेस का धरना, केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
दिल्ली में राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मध्य प्रदेश के खंडवा में कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक और विपक्ष की आवाज दबाए जाने जैसे मुद्दे भी उठाए गए। इससे पहले दिन में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने छात्रों के समर्थन में अलग विरोध प्रदर्शन किया।
कलेक्ट्रेट परिसर में कांग्रेस का धरना प्रदर्शन
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कांग्रेस कार्यकर्ता मंगलवार रात खंडवा कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरना देकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है और जनता के मुद्दों को उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।
महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दे उठाए
धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई, युवाओं में बेरोजगारी और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। उनका आरोप था कि जब विपक्ष इन सवालों को संसद और सड़क पर उठाता है तो उसे दबाने की कोशिश की जाती है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की और कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
करीब एक घंटे तक चला विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस का धरना देर रात तक जारी रहा। प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने औपचारिक ज्ञापन सौंपने के बजाय सांकेतिक विरोध दर्ज कर कार्यक्रम समाप्त किया। प्रदर्शन में डॉ. मुनीश मिश्रा, अवधेश सिसोदिया, रियाज हुसैन, कुंदन मालवीया, इकबाल पहलवान, अर्ष पाठक समेत कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और इसके बाद सभी कार्यकर्ता वापस लौट गए।
एनएसयूआई ने छात्रों के समर्थन में किया प्रदर्शन
इसी दिन दोपहर में एसएन कॉलेज के सामने कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग करते हुए छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
छात्र नेताओं ने आंदोलन जारी रखने की बात कही
एनएसयूआई पदाधिकारियों ने कहा कि छात्रों के अधिकारों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर संगठन लगातार संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेने के बजाय उन पर कार्रवाई की जा रही है, जो उचित नहीं है। छात्र नेताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं से शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में रहकर अपनी बात रखने की अपील भी की।