ओमान तट पर भारतीय नाविकों वाला टैंकर अमेरिकी कार्रवाई की चपेट में, भारत ने जताया कड़ा विरोध
ओमान के तट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में भारतीय चालक दल वाले तेल टैंकर सेटेबेलो को निशाना बनाए जाने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना में भारतीय नाविकों के हताहत होने की खबरों के बीच भारत ने गहरी चिंता जताते हुए अमेरिका के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच समुद्री व्यापार और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
अमेरिकी कार्रवाई के पीछे क्या वजह बताई गई?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर सेटेबेलो पर इसलिए कार्रवाई की गई क्योंकि वह कथित तौर पर ईरान से तेल लेकर जा रहा था और जारी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। अमेरिका का दावा है कि कई चेतावनियों के बावजूद जहाज ने निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके बाद उसके इंजन को सटीक हथियारों से निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई का वीडियो भी अमेरिकी सेना ने जारी किया है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
जहाज पर कुल 21 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। अधिकांश नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन कुछ भारतीयों के हताहत और लापता होने की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बचाव कार्यों का समन्वय कर रहा है।
भारत ने अमेरिका के समक्ष दर्ज कराया विरोध
घटना के बाद भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर कारोबारी जहाजों को निशाना बनाना गंभीर चिंता का विषय है। भारत ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करते हुए समुद्री यातायात की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की अपील की।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर
यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल के महीनों में खाड़ी क्षेत्र में कई जहाज सैन्य गतिविधियों और निगरानी की चपेट में आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता पर व्यापक असर पड़ सकता है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा बना बड़ा मुद्दा
खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक और समुद्री कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में लगातार बढ़ते सैन्य तनाव ने उनकी सुरक्षा को लेकर नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। भारत सरकार ने दोहराया है कि नागरिक जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी आवश्यक कूटनीतिक प्रयास जारी रहेंगे।