फीफा वर्ल्ड कप 2026 में दिखेगा भारतीय मूल का जलवा, चार खिलाड़ी रचेंगे इतिहास
भारतीय फुटबॉल टीम भले ही अभी तक फीफा वर्ल्ड कप में जगह नहीं बना पाई हो, लेकिन 2026 के विश्व कप में भारतीय मूल के चार खिलाड़ी अलग-अलग देशों की ओर से मैदान पर उतरते नजर आएंगे। न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कतर और डीआर कांगो की टीमों का प्रतिनिधित्व करने वाले ये खिलाड़ी अपनी भारतीय जड़ों के कारण भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए भी खास आकर्षण का केंद्र बन गए हैं।
कतर के लिए खेलेंगे केरल मूल के तहसीन मोहम्मद
कतर की राजधानी दोहा में जन्मे 19 वर्षीय तहसीन मोहम्मद के माता-पिता मूल रूप से केरल के कन्नूर से हैं। उन्होंने एस्पायर अकादमी से प्रशिक्षण हासिल किया और कतर स्टार्स लीग में खेलने वाले भारतीय मूल के पहले खिलाड़ी बने। अल दुहैल एससी के लिए खेलने वाले तहसीन ने 2024 में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में पदार्पण किया था। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेने वाले वह पहले भारतीय पासपोर्ट धारक खिलाड़ी भी बन गए हैं।
पंजाब से जुड़ी हैं न्यूजीलैंड के स्टार सरप्रीत सिंह की जड़ें
न्यूजीलैंड के अटैकिंग मिडफील्डर सरप्रीत सिंह का जन्म ऑकलैंड में हुआ, लेकिन उनका परिवार पंजाब से जुड़ा है। 27 वर्षीय सरप्रीत न्यूजीलैंड के लिए कई अहम मुकाबले खेल चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीन गोल भी कर चुके हैं। इससे पहले वह फीफा अंडर-20 विश्व कप में भी न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
ऑस्ट्रेलिया की उम्मीद बने निशान वेलुपिल्ले
मेलबर्न में जन्मे निशान वेलुपिल्ले की मां एंग्लो-इंडियन हैं, जबकि उनके पिता श्रीलंकाई तमिल मूल के हैं। 25 वर्षीय फॉरवर्ड ने हाल के विश्व कप क्वालीफायर मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया के लिए कई महत्वपूर्ण गोल किए हैं। फीफा वर्ल्ड कप 2026 उनके करियर का पहला विश्व कप होगा।
डीआर कांगो की टीम में तमिल मूल के सैमुअल मौतौसामी
फ्रांस में जन्मे सैमुअल मौतौसामी के पिता तमिल मूल के हैं, जबकि उनकी मां कांगो से हैं। 29 वर्षीय मिडफील्डर डीआर कांगो की राष्ट्रीय टीम के अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं और अब तक 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं। विश्व कप 2026 में वह अपनी टीम की मिडफील्ड की अहम जिम्मेदारी संभालेंगे।
भारतीय फैंस के लिए खास रहेगा यह विश्व कप
हालांकि भारतीय टीम अभी विश्व कप में जगह नहीं बना सकी है, लेकिन भारतीय मूल के इन चार खिलाड़ियों की मौजूदगी देश के फुटबॉल प्रेमियों के लिए गर्व का विषय बन गई है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भारतीय प्रशंसकों की भी खास नजर रहेगी।