जयपुर के निजी अस्पताल में नवजात बेटी की मौत, पिता पर हत्या का आरोप; पुलिस जांच में जुटी
जयपुर ग्रामीण के चंदवाजी थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में नवजात बच्ची की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस का आरोप है कि बच्ची के जन्म के कुछ ही समय बाद उसके पिता ने कथित तौर पर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, स्टाफ के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है।
अस्पताल में नवजात की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप
चंदवाजी थाना क्षेत्र के जयपुर-दिल्ली हाईवे स्थित एक निजी अस्पताल में बुधवार तड़के नवजात बच्ची की मौत का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार, बच्ची का जन्म एक दिन पहले ऑपरेशन के जरिए हुआ था और उसे चिकित्सकीय निगरानी में नर्सरी वार्ड में रखा गया था। सुबह अस्पताल कर्मियों ने बच्ची को अचेत अवस्था में देखा, जिसके बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अस्पताल परिसर को जांच के दायरे में लेते हुए आवश्यक साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए।
तीसरी बेटी के जन्म के बाद पिता पर गंभीर आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी रवि कुमार यादव अपनी पत्नी को प्रसव के लिए अस्पताल लेकर आया था। परिवार में पहले से दो बेटियां होने के कारण तीसरी संतान के रूप में भी बेटी जन्म लेने के बाद वह मानसिक रूप से परेशान बताया जा रहा है। इसी बीच आरोप है कि उसने तड़के अस्पताल के नवजात वार्ड में पहुंचकर बच्ची का गला दबा दिया। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
सीसीटीवी फुटेज और स्टाफ के बयान बने जांच का आधार
घटना के बाद पुलिस ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग अपने कब्जे में ले ली है। साथ ही ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण कराया जाएगा ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। पुलिस आरोपी से भी पूछताछ कर रही है और सभी पहलुओं की जांच जारी है।
कानूनी कार्रवाई के साथ सामाजिक चिंता भी बढ़ी
पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस घटना ने समाज में बेटा-बेटी के बीच भेदभाव और कन्या जन्म को लेकर मौजूद नकारात्मक सोच पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।