NEET बनाम MCAT: अमेरिका में क्यों नहीं होता पेपर लीक? भारतीय इंफ्लुएंसर ने बताई बड़ी वजह
भारत में NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर छात्रों का विरोध लगातार तेज हो रहा है। परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच अमेरिका में रहने वाली भारतीय कंटेंट क्रिएटर सारिका ने बताया कि अमेरिका की मेडिकल प्रवेश परीक्षा MCAT में पेपर लीक जैसी घटनाएं लगभग सुनने को क्यों नहीं मिलतीं। उनका कहना है कि दोनों परीक्षाओं के आयोजन के तरीके में बड़ा अंतर है, जो सुरक्षा व्यवस्था को भी प्रभावित करता है।
MCAT और NEET की परीक्षा प्रणाली में सबसे बड़ा अंतर
भारत में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली NEET परीक्षा ऑफलाइन (पेन-पेपर) मोड में एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में कराई जाती है। इसके लिए देशभर में लाखों प्रश्नपत्र छापकर हजारों परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाते हैं। दूसरी ओर, अमेरिका की मेडिकल प्रवेश परीक्षा MCAT पूरी तरह कंप्यूटर आधारित होती है। यह परीक्षा वर्ष में कई अलग-अलग तारीखों पर आयोजित की जाती है, जिससे सभी अभ्यर्थियों का एक साथ एक ही प्रश्नपत्र से सामना नहीं होता। यही व्यवस्था परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
रैंडम प्रश्न और डिजिटल सिस्टम से बढ़ती है सुरक्षा
भारतीय इंफ्लुएंसर सारिका के अनुसार MCAT में सभी परीक्षार्थियों को एक जैसे प्रश्न नहीं मिलते। कंप्यूटर आधारित प्रणाली के कारण प्रश्नों का चयन रैंडम तरीके से होता है और स्कोर को विशेष स्केलिंग प्रक्रिया के जरिए संतुलित किया जाता है। इससे किसी एक प्रश्नपत्र के बाहर आने से पूरी परीक्षा प्रभावित नहीं होती। वहीं NEET में देशभर के सभी उम्मीदवारों के लिए लगभग समान प्रश्नपत्र होने के कारण यदि कहीं भी गोपनीयता भंग होती है तो उसका असर व्यापक स्तर पर पड़ सकता है।
सुरक्षित परीक्षा केंद्र भी बनते हैं बड़ी वजह
MCAT जैसी परीक्षाएं अमेरिका और कई अन्य देशों में उच्च सुरक्षा वाले अधिकृत टेस्ट सेंटरों पर आयोजित की जाती हैं। इन केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, डिजिटल निगरानी, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर कड़े प्रतिबंध जैसी व्यवस्थाएं लागू रहती हैं। वहीं भारत में NEET का आयोजन बड़ी संख्या में परीक्षा केंद्रों पर होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने विशाल स्तर पर परीक्षा आयोजित करने के कारण प्रत्येक केंद्र पर समान स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
भारत में जारी है परीक्षा प्रणाली पर बहस
NEET परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सुरक्षा उपायों को सख्त करने की बात कही है। हालांकि, छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक ठोस सुधार लागू नहीं किए जाते, तब तक उनकी चिंताएं पूरी तरह दूर नहीं होंगी। इस बीच परीक्षा प्रणाली में तकनीकी बदलाव और डिजिटल मॉडल अपनाने पर भी चर्चा तेज हो गई है।
क्या भारत में भी बदलेगा परीक्षा का मॉडल?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसी बड़ी आबादी वाले देश में कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू करना आसान नहीं है, क्योंकि इसके लिए पर्याप्त डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षित टेस्ट सेंटर और समान तकनीकी सुविधाएं जरूरी होंगी। हालांकि कई विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि भविष्य में चरणबद्ध तरीके से कंप्यूटर आधारित परीक्षा, अलग-अलग प्रश्न सेट और मजबूत डिजिटल सुरक्षा जैसी व्यवस्थाएं अपनाकर पेपर लीक की आशंकाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।