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NEET पेपर लीक का बड़ा खुलासा: 2 मई की रात आया एक WhatsApp मैसेज और हिल गया पूरा सिस्टम

सीकर से शुरू हुई कहानी ने खोले देशव्यापी नेटवर्क के राज

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 अब सिर्फ एक परीक्षा नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा और जांच का बड़ा विषय बन चुकी है। राजस्थान के सीकर से सामने आई एक मामूली लगने वाली घटना ने कथित पेपर लीक नेटवर्क का ऐसा पर्दाफाश किया, जिसने पूरे सिस्टम को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया। बताया जा रहा है कि एक “गेस पेपर” के नाम पर भेजी गई PDF बाद में असली परीक्षा के सवालों से मेल खाने लगी। यही वह सुराग था, जिससे कथित पेपर लीक की परतें खुलनी शुरू हुईं। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क की कड़ियों को राजस्थान, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर तक जोड़कर देख रही हैं।

2 मई की रात आया WhatsApp मैसेज बना सबसे बड़ा सुराग

पूरे मामले की शुरुआत 2 मई की रात करीब 11 बजे हुई। सीकर का एक छात्र, जो वर्तमान में केरल में MBBS की पढ़ाई कर रहा है, उसके पास एक PDF पहुंची जिसे “गेस पेपर” बताया गया। छात्र ने इसे सामान्य अध्ययन सामग्री समझकर अपने पिता को भेज दिया, जो सीकर में NEET अभ्यर्थियों के लिए हॉस्टल संचालित करते हैं। छात्र ने पिता से कहा कि अगर हॉस्टल में कोई छात्र परीक्षा देने जा रहा हो तो यह उनके काम आ सकता है। उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि यही PDF आगे चलकर देश के सबसे बड़े परीक्षा विवाद की जड़ बन जाएगी।

केमिस्ट्री टीचर को हुआ शक, खुलने लगी परतें

अगले दिन हॉस्टल संचालक ने वहां रहने वाली कुछ छात्राओं को यह PDF देने की कोशिश की, लेकिन तब तक वे परीक्षा केंद्र के लिए निकल चुकी थीं। बाद में जिज्ञासा के चलते हॉस्टल मालिक ने यह PDF अपने परिचित एक केमिस्ट्री शिक्षक को भेज दी। परीक्षा समाप्त होने के बाद जब शिक्षक ने वास्तविक प्रश्नपत्र से इसका मिलान किया, तो वे हैरान रह गए। बताया गया कि केमिस्ट्री सेक्शन के 108 सवालों में से करीब 45 सवाल हूबहू मेल खा रहे थे। यहीं से मामले ने गंभीर रूप लेना शुरू कर दिया और शक गहराने लगा कि यह सामान्य “गेस पेपर” नहीं था।

बायोलॉजी सेक्शन में भी मिले दर्जनों सवाल

मामले की गंभीरता को देखते हुए PDF को एक बायोलॉजी शिक्षक के पास भी भेजा गया। जांच में सामने आया कि बायोलॉजी के लगभग 204 सवालों में से करीब 90 सवाल वास्तविक परीक्षा से मेल खाते पाए गए। यानी कुल मिलाकर करीब 135 सवाल असली NEET पेपर से मिलते-जुलते बताए गए। इतनी बड़ी संख्या में सवालों का मैच होना किसी संयोग से कहीं ज्यादा गंभीर माना जा रहा है। इसके बाद ही पूरे मामले की सूचना जांच एजेंसियों तक पहुंची और कथित पेपर लीक नेटवर्क की जांच शुरू हुई।

करोड़ों के खेल और बड़े नेटवर्क की जांच तेज

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित पेपर लाखों रुपये में खरीदा गया और फिर इसे करोड़ों के खेल में कई छात्रों तक पहुंचाया गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर यह PDF कहां से तैयार हुई, किसने इसे छात्रों तक पहुंचाया और क्या इसमें किसी संगठित गिरोह या अंदरूनी तंत्र की भूमिका थी। मामले में कई राज्यों के कनेक्शन सामने आने के बाद जांच और व्यापक हो गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक की गोपनीयता आखिर कैसे भंग हुई।

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