नवनेरा बैराज से 4.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, धौलपुर में चंबल उफान पर आने का खतरा
इंट्रो: नवनेरा बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद धौलपुर में चंबल नदी के जलस्तर को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। करीब 4.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने तटीय इलाकों और निचले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाते हुए अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों से नदी के आसपास नहीं जाने और बच्चों व मवेशियों को सुरक्षित रखने की अपील की गई है।
चंबल में तेजी से बढ़ सकता है जलस्तर
कालीसिंध नदी पर बने नवनेरा बैराज से पानी छोड़े जाने का असर धौलपुर में चंबल नदी पर दिखाई देने की संभावना है। प्रशासन के अनुसार, पानी की आवक बढ़ने के बाद नदी का जलस्तर बुधवार देर शाम तक तेजी से बढ़ सकता है। संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी से जुड़े इलाकों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। अधिकारियों को जलस्तर में होने वाले बदलाव की लगातार जानकारी लेने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
खतरे के निशान से ऊपर जा सकता है पानी
प्रशासन ने आशंका जताई है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में चंबल नदी का पानी खतरे के निशान से करीब तीन मीटर ऊपर तक पहुंच सकता है। हालांकि वास्तविक स्थिति पानी की आवक और नदी के बहाव पर निर्भर करेगी। इसी संभावना को देखते हुए नदी के किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
तटीय गांवों में प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
चंबल नदी के आसपास के गांवों में प्रशासनिक अमला सक्रिय कर दिया गया है। संबंधित तहसीलदार, पटवारी और गिरदावर के साथ ग्राम पंचायत स्तर के जिम्मेदार लोगों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को नदी के जलस्तर और पानी की स्थिति की जानकारी लगातार जुटाने तथा किसी भी तरह के बदलाव की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक तुरंत पहुंचाने को कहा गया है। प्रशासन संभावित प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की तैयारियों को भी मजबूत कर रहा है।
नदी किनारे नहीं जाने की अपील
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से चंबल नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है। खासतौर पर बच्चों और मवेशियों को नदी के किनारे नहीं जाने देने की सलाह दी गई है। तेज बहाव के दौरान नदी के आसपास जाना जानलेवा हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें। स्थिति को लेकर प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।
राहत-बचाव व्यवस्था पर भी नजर
जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन राहत एवं बचाव व्यवस्था को लेकर भी तैयार है। यदि नदी का पानी निचले इलाकों की ओर बढ़ता है तो आवश्यकता के अनुसार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासनिक अधिकारी स्थानीय स्तर पर हालात की निगरानी कर रहे हैं। फिलहाल सबसे ज्यादा ध्यान चंबल के जलस्तर, पानी की रफ्तार और नदी से सटे गांवों की स्थिति पर रखा गया है।