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नरेश मीणा की संपत्ति की होगी जांच, कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने मांगा पूरा रिकॉर्ड

राजस्थान में चर्चित एसडीएम थप्पड़ प्रकरण से जुड़े भगत सिंह सेना के प्रमुख नरेश मीणा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। टोंक की एसटी-एससी कोर्ट ने उन्हें निर्धारित तिथि तक आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अदालत के आदेश पर उनकी चल और अचल संपत्ति का विवरण भी जुटाया जा रहा है। पुलिस ने इस संबंध में उनके पैतृक गांव के सरपंच से संपत्ति का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है। मामले ने एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।

कोर्ट के आदेश के बाद संपत्ति का रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया शुरू

अदालत के निर्देशों के बाद पुलिस ने नरेश मीणा की संपत्ति संबंधी जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगरफोर्ट थाना पुलिस ने उनके पैतृक गांव के सरपंच को पत्र भेजकर चल और अचल संपत्ति का पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। फिलहाल संबंधित रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं और जांच प्रक्रिया जारी है।

चुनावी हलफनामे में घोषित की थी आय और संपत्ति

विधानसभा उपचुनाव के दौरान दाखिल चुनावी हलफनामे के अनुसार, नरेश मीणा ने अपनी वार्षिक आय करीब 12.81 लाख रुपये घोषित की थी। हलफनामे में उन्होंने अपना मुख्य व्यवसाय पेट्रोल पंप संचालन बताया था। दस्तावेजों के अनुसार उनके पास नकद राशि, एक स्कॉर्पियो वाहन और अन्य चल-अचल संपत्तियां दर्ज हैं। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध चुनावी दस्तावेजों के मुताबिक उनकी व्यक्तिगत संपत्ति लगभग 79 लाख रुपये बताई गई थी, जबकि पत्नी की संपत्ति जोड़ने पर कुल संपत्ति का मूल्य इससे अधिक बताया गया था। यह विवरण उनके चुनावी शपथपत्र पर आधारित है।

जमानत रद्द होने के बाद बढ़ीं कानूनी मुश्किलें

नरेश मीणा की जमानत रद्द होने के बाद उनकी कानूनी चुनौतियां और बढ़ गई हैं। अदालत ने उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले पुलिस ने अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि जमानत की शर्तों का पालन नहीं किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत रद्द करने का आदेश दिया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार होगी।

समर्थकों ने उठाए सवाल, जांच पर राजनीतिक आरोप

संपत्ति संबंधी जांच और अदालत की कार्रवाई के बाद नरेश मीणा के समर्थकों ने विरोध जताया है। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक कारणों से की जा रही है। वहीं, पुलिस और प्रशासन का कहना है कि सभी कदम न्यायालय के आदेशों के अनुरूप उठाए जा रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। अंतिम निष्कर्ष अदालत में लंबित कार्यवाही और जांच के परिणाम के आधार पर ही सामने आएगा।

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