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अलवर की हवा साफ, फिर भी GRAP का असर संभव; दिल्ली-भिवाड़ी का प्रदूषण बढ़ा

अलवर। अलवर में फिलहाल हवा की स्थिति राहत देने वाली है। अक्टूबर की शुरुआत में अलवर का AQI 73 दर्ज किया गया। इसके मुकाबले भिवाड़ी का AQI 183 और दिल्ली का 173 रहा। यानी अलवर की हवा दोनों क्षेत्रों की तुलना में बेहतर है। हालांकि, दिल्ली-NCR में शामिल होने के कारण प्रदूषण बढ़ने पर अलवर में भी GRAP की पाबंदियों का असर पड़ सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रदूषण कम होने के बावजूद प्रशासन और कारोबारियों को सतर्क रहना होगा।

अलवर का AQI 73, भिवाड़ी और दिल्ली में प्रदूषण ज्यादा

अलवर में AQI 73 रहने से फिलहाल हवा अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है। वहीं भिवाड़ी में AQI 183 और दिल्ली में 173 दर्ज किया गया। दोनों क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से NCR क्षेत्र में चिंता बढ़ सकती है।अलवर की स्थिति फिलहाल राहत देने वाली है। लेकिन आने वाले दिनों में आसपास के क्षेत्रों की हवा का असर भी देखने को मिल सकता है।

कम हवा की रफ्तार से बढ़ सकती है परेशानी

अक्टूबर के शुरुआती दिनों में हवा की गति कम रहने से प्रदूषक तत्व वातावरण में लंबे समय तक बने रह सकते हैं। करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा में धूल और धुएं के कण तेजी से दूर नहीं जाते।ऐसे में वाहन, निर्माण गतिविधियों और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषक एक क्षेत्र में जमा हो सकते हैं। मौसम में बदलाव के साथ इसका सीधा असर AQI पर दिखाई दे सकता है।

NCR में शामिल होने से GRAP का असर संभव

अलवर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी NCR का हिस्सा है। ऐसे में दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर बढ़ने और GRAP के अलग-अलग चरण लागू होने पर इसका असर अलवर की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।स्थानीय AQI बेहतर होने के बावजूद कुछ गतिविधियों पर क्षेत्रीय स्तर पर लागू नियमों का असर पड़ सकता है। यही वजह है कि अलवर प्रशासन को प्रदूषण की स्थिति के साथ NCR के फैसलों पर भी नजर रखनी होगी।

निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों पर हो सकती है सख्ती

GRAP के तहत प्रदूषण की गंभीरता के अनुसार अलग-अलग स्तर पर कदम उठाए जाते हैं। स्थिति बिगड़ने पर निर्माण और धूल पैदा करने वाली गतिविधियों पर सख्ती की जा सकती है।इसके अलावा डीजल जनरेटर, औद्योगिक गतिविधियों और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भी कदम उठाए जा सकते हैं। ऐसे में अलवर की स्थानीय हवा साफ रहने के बावजूद कुछ गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

अलवर-भिवाड़ी क्षेत्र पर रहेगी नजर

अलवर और भिवाड़ी क्षेत्र में अक्टूबर के दौरान हवा की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखने की जरूरत है। उपलब्ध अनुमान के अनुसार 5 अक्टूबर तक प्रदूषण की स्थिति सामान्य के आसपास रहने की संभावना बताई गई है।हालांकि मौसम, हवा की गति और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण के स्तर में बदलाव से AQI तेजी से बदल सकता है। इसलिए मौजूदा राहत की स्थिति को स्थायी नहीं माना जा सकता।

वाहनों और धूल पर नियंत्रण जरूरी

अलवर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर भी सावधानी जरूरी है। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, सड़क किनारे उड़ने वाली धूल और वाहनों से निकलने वाले धुएं पर निगरानी महत्वपूर्ण होगी।वहीं भिवाड़ी जैसे औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ने की स्थिति का असर आसपास के इलाकों पर भी पड़ सकता है। इसलिए प्रशासन की निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण उपायों की भूमिका अहम रहेगी।

फिलहाल राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी

अलवर का AQI 73 फिलहाल राहत की स्थिति दिखा रहा है। लेकिन दिल्ली और भिवाड़ी में प्रदूषण का स्तर अधिक होने के कारण आने वाले दिनों में निगरानी जरूरी है।NCR में लागू होने वाले GRAP चरणों का असर अलवर की स्थानीय गतिविधियों पर पड़ सकता है। इसलिए प्रशासन, उद्योगों और आम लोगों के लिए प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सतर्क रहना जरूरी होगा।

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Stv News Rajasthan

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