‘ACP विवेक भगत पर FIR क्यों नहीं?’ महिला पत्रकारों के आरोपों पर दिल्ली पुलिस से सवाल
नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदर्शन की कवरेज के दौरान महिला पत्रकारों के साथ कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन महिला पत्रकारों ने प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। इनमें एक स्वतंत्र पत्रकार ने ACP विवेक भगत पर कथित तौर पर अनुचित तरीके से छूने और धक्का देने का आरोप लगाया है। दिल्ली पुलिस ने शिकायतें मिलने की पुष्टि की है और उन्हें निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेज दिया है।
महिला पत्रकार ने ACP पर लगाए गंभीर आरोप
आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार के अनुसार वह प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की रिकॉर्डिंग कर रही थीं। इसी दौरान AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने की वीडियो बनाने के दौरान ACP विवेक भगत ने कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया।महिला ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने उन्हें अनुचित तरीके से छुआ और इसके बाद धक्का दिया। उन्होंने घटना के बाद संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। उनके मुताबिक, शिकायत के बाद भी कई घंटे तक FIR दर्ज नहीं की गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
तीन महिला पत्रकारों की शिकायतें पुलिस तक पहुंचीं
दिल्ली पुलिस के मुताबिक 3 अक्टूबर को नई दिल्ली क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। नई दिल्ली जिला पुलिस को शिकायतें मिलीं।पुलिस ने इन शिकायतों को आगे की जांच के लिए कमला मार्केट स्थित क्राइम ब्रांच को भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।
CJP ने FIR और कार्रवाई की मांग की
कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने इस मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। दास ने ACP विवेक भगत के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की।उनका आरोप है कि पुलिस शिकायत मिलने के बावजूद FIR दर्ज करने में देरी कर रही है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों को पुलिस थाने के बाहर जाकर शिकायत दर्ज कराने की मांग करनी पड़ी। CJP ने FIR दर्ज नहीं होने की स्थिति में दोबारा प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
‘ACP को क्यों बचाया जा रहा है?’
सौरव दास ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि ACP विवेक भगत के खिलाफ FIR दर्ज करने में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने पुलिस से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।CJP का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच बाद में भी की जा सकती है, लेकिन शिकायत पर कानूनी प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। हालांकि ACP के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं।
पुलिस ने शिकायतों को क्राइम ब्रांच को भेजा
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि तीन महिलाओं की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन शिकायतों को आगे की कार्रवाई के लिए क्राइम ब्रांच को भेजा गया है।अब जांच एजेंसी शिकायतकर्ताओं के बयान, घटनास्थल के वीडियो, उपलब्ध फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर सकती है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।
प्रदर्शन के दौरान हुआ था विवाद
यह मामला उस प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया था।इसी कार्रवाई की कवरेज कर रही महिला पत्रकारों ने पुलिस पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए। इसके बाद पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग थाने के बाहर शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रेस काउंसिल ने भी जताई चिंता
मामले पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी प्रतिक्रिया दी है। परिषद ने महिला पत्रकार की शिकायत पर दिल्ली पुलिस से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की और पत्रकारों को बिना डर अपना काम करने के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की बात कही।अब पूरे मामले की जांच क्राइम ब्रांच के पास है। शिकायतों की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।