जवाहर सागर डैम पर आतंकी हमले का मॉक ड्रिल, ATS और पुलिस ने परखी सुरक्षा तैयारियां
बूंदी जिले के डाबी थाना क्षेत्र स्थित जवाहर सागर डैम पर सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी हमले की काल्पनिक स्थिति बनाकर व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। अभ्यास के दौरान दो काल्पनिक आतंकियों की घुसपैठ का परिदृश्य तैयार किया गया, जिसके बाद ATS, स्थानीय पुलिस और जल संसाधन विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर सुरक्षा तैयारियों और आपसी समन्वय का परीक्षण किया। कुछ समय के लिए इलाके में हलचल जरूर रही, लेकिन बाद में स्पष्ट किया गया कि यह केवल सुरक्षा अभ्यास था।
आतंकी घुसपैठ की सूचना मिलते ही शुरू हुआ संयुक्त ऑपरेशन
मॉक ड्रिल के तहत यह काल्पनिक सूचना दी गई कि दो आतंकी जवाहर सागर डैम परिसर में प्रवेश कर गए हैं। सूचना मिलते ही डाबी थाना पुलिस ने तत्काल पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी, जबकि कोटा से एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) की विशेष टीम भी मौके पर पहुंच गई। पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत सुरक्षा बलों ने संवेदनशील क्षेत्रों की तलाशी ली और ऑपरेशन को आगे बढ़ाया। अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था।
महत्वपूर्ण जल संसाधन की सुरक्षा पर रहा विशेष फोकस
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जवाहर सागर डैम प्रदेश के महत्वपूर्ण और संवेदनशील जल संसाधन स्थलों में शामिल है। इसी कारण इसकी सुरक्षा व्यवस्था का समय-समय पर परीक्षण आवश्यक माना जाता है। मॉक ड्रिल के माध्यम से यह देखा गया कि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में पुलिस, ATS और संबंधित विभाग कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से कार्रवाई कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अभ्यास भविष्य में भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में सहायक होते हैं।
तलाशी, निकासी और समन्वय का किया गया अभ्यास
अभ्यास के दौरान केवल काल्पनिक आतंकियों की तलाश ही नहीं की गई, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षित निकासी, संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का भी परीक्षण किया गया। कमांडो टीमों ने निर्धारित योजना के अनुसार कार्रवाई करते हुए पूरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस दौरान यह भी परखा गया कि वास्तविक संकट की स्थिति में उपलब्ध संसाधनों का किस प्रकार प्रभावी उपयोग किया जा सकता है।
ATS के नेतृत्व में हुआ सुरक्षा अभ्यास, कई विभाग रहे शामिल
पूरे मॉक ड्रिल का नेतृत्व ATS की टीम ने किया, जबकि डाबी थाना पुलिस और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान में पुलिस, ATS और सिंचाई विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य सुरक्षा तंत्र को अधिक मजबूत बनाना, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इससे सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक तैयारियों का आकलन करने में भी मदद मिलती है।
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