अलवर में विवाहिता को घर से निकाला, 5 दिन से दरवाजे पर बैठी महिला; न्याय की मांग
अलवर जिले में एक विवाहिता को कथित रूप से ससुराल से बाहर निकालने का मामला सामने आया है। महिला पिछले पांच दिनों से अपने ससुराल के बाहर बैठी हुई है, जबकि ससुराल पक्ष पर उसे घर में प्रवेश नहीं देने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर दलित उत्थान संघर्ष सेवा समिति ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर महिला को न्याय दिलाने की मांग की है।
महिला को घर में नहीं मिल रही एंट्री
समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि खैरथल क्षेत्र के निकट स्थित लाल पहाड़ी गांव निवासी सरस्वती देवी की शादी भूगोर निवासी गुड्डू के साथ हुई थी। विवाह के बाद सरस्वती देवी अपने पति और दो बच्चों के साथ भूगोर गांव में रह रही थी। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे घर से बाहर निकाल दिया और मकान पर ताला लगाकर कहीं अन्यत्र चले गए। इसके बाद से महिला को घर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
पांच दिनों से घर के बाहर बैठी है विवाहिता
परिजनों के अनुसार सरस्वती देवी पिछले पांच दिनों से अपने ससुराल के बाहर बैठी हुई है। महिला के सामने भोजन, पानी और रहने की समस्या भी खड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि गांव के एक व्यक्ति ने मानवीय आधार पर अपने घर का शौचालय और स्नानघर उपयोग के लिए उपलब्ध कराया है, जिससे महिला को कुछ राहत मिल सकी है।
परिजन पहुंचे मिनी सचिवालय
महिला की स्थिति को देखते हुए उसके परिजन और सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि अलवर मिनी सचिवालय पहुंचे। उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने और महिला को उसके अधिकार दिलाने की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि विवाहिता को बिना किसी उचित कारण के घर से बाहर रखा गया है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
दलित उत्थान संघर्ष सेवा समिति ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और महिला को सुरक्षा व न्याय प्रदान किया जाए। साथ ही ससुराल पक्ष द्वारा लगाए गए ताले और महिला को घर में प्रवेश से रोकने के आरोपों की भी जांच की जाए। परिजनों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।