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Iran War: पाकिस्तान-कतर की मध्यस्थता पर ईरान का झटका, बोला- पहले वादे निभाए अमेरिका, फिर होगी आगे की बात

ईरान ने पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता वाले चार-पक्षीय वार्ता प्रारूप से दूरी बनाते हुए साफ कर दिया है कि वह किसी भी नई बातचीत से पहले अमेरिका से अपने पुराने वादे पूरे करने की अपेक्षा करता है। तेहरान ने तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाने और विदेशों में फंसी अपनी संपत्तियों की रिहाई को प्राथमिक शर्त बताया है।

चार-पक्षीय वार्ता प्रारूप से पीछे हटा ईरान

ईरान ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित चार-पक्षीय वार्ता में पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थ भूमिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। तेहरान का कहना है कि किसी भी नए वार्ता ढांचे से पहले अमेरिका को अपने पूर्व आश्वासनों पर अमल करना चाहिए। ईरानी पक्ष ने दोहराया कि तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को हटाना और विदेशों में फ्रीज की गई संपत्तियों को वापस करना उसकी प्राथमिक मांगों में शामिल है। इस फैसले को पाकिस्तान और कतर के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जो दोनों देशों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे।

ट्रंप की चेतावनियों के बाद बदला तेहरान का रुख

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनियों के बाद तेहरान ने चार-पक्षीय प्रारूप को आगे न बढ़ाने का निर्णय लिया। उनके मुताबिक, वार्ता के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन ईरान ने स्पष्ट कर दिया कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कदम आवश्यक हैं। बगाई ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सभी संघर्षों को समाप्त करना जरूरी है और लेबनान सहित विभिन्न मोर्चों पर युद्धविराम की आवश्यकता है।

स्विट्जरलैंड में हुई उच्च स्तरीय बैठक

रविवार को स्विट्जरलैंड के ल्यूसर्न शहर में अमेरिका, ईरान, पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई। अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने किया, जबकि ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबाफ शामिल हुए। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी भी इस बैठक का हिस्सा बने। विभिन्न प्रारूपों में चली इस वार्ता में क्षेत्रीय तनाव कम करने के उपायों पर विचार किया गया।

अराघची ने प्रतिबंधों और संपत्तियों पर दी जानकारी

बैठक के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया कि ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगी कुछ पाबंदियों में राहत मिली है तथा विदेशों में जमा कुछ संपत्तियों को भी मुक्त किया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता के कारण लेबनान संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। साथ ही उन्होंने पुनर्निर्माण और विकास योजनाओं की शुरुआत का भी उल्लेख किया, जिसे क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

पाकिस्तान और कतर ने वार्ता को बताया सकारात्मक

पाकिस्तान और कतर के मध्यस्थों ने संयुक्त रूप से कहा कि बातचीत रचनात्मक और सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। दोनों देशों के अनुसार, वार्ता में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर उत्साहजनक प्रगति देखने को मिली है। साथ ही राजनीतिक स्तर पर निगरानी रखने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाने पर भी सहमति बनी है। मध्यस्थ देशों का मानना है कि यह व्यवस्था भविष्य की बातचीत को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद करेगी।

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