#एजुकेशन #क्राइम #राज्य-शहर

अलवर एसीबी कोर्ट का बड़ा फैसला: रिश्वत लेते पकड़े गए नवोदय विद्यालय के उप-प्राचार्य को 4 साल की सजा

अलवर की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अदालत ने रिश्वतखोरी के एक पुराने मामले में अहम फैसला सुनाते हुए खैरथल स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के तत्कालीन उप-प्राचार्य को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को चार वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कार्य के बदले रिश्वत मांगना और लेना गंभीर अपराध है, जिसके लिए कानून सख्त कार्रवाई करता है।

बिल पास करने के बदले मांगी जाती थी रिश्वत

मामले के अनुसार खैरथल निवासी परिवादी जसवंत कुमार ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी फर्म विद्यालय के मेस संचालन से जुड़ी सेवाएं प्रदान करती थी। मेस में कार्यरत हलवाई और अन्य कर्मचारियों के भुगतान से संबंधित बिल विद्यालय प्रशासन के पास प्रस्तुत किए जाते थे। आरोप था कि तत्कालीन उप-प्राचार्य बासदेव वर्मा बिलों को स्वीकृत करने के बदले हर माह रिश्वत की मांग करते थे। परिवादी का कहना था कि रिश्वत नहीं देने पर भुगतान प्रक्रिया जानबूझकर रोक दी जाती थी, जिससे आर्थिक नुकसान और परेशानी का सामना करना पड़ता था।

6 हजार रुपये की मांग के बाद एसीबी तक पहुंचा मामला

शिकायत में बताया गया कि अक्टूबर और नवंबर 2017 के बिलों को पास करने के एवज में आरोपी अधिकारी ने कुल 6 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। परिवादी इस अवैध मांग से परेशान था और उसने रिश्वत देने के बजाय एसीबी से संपर्क करने का फैसला किया। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने नियमानुसार पहले आरोपों का सत्यापन किया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर विशेष टीम ने कार्रवाई की योजना तैयार की और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए ट्रैप ऑपरेशन चलाया।

ट्रैप कार्रवाई में रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी

एसीबी की टीम ने वर्ष 2017 में योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपी उप-प्राचार्य को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते समय गिरफ्तार कर लिया था। जांच के दौरान आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए और मामले की विस्तृत विवेचना की गई। इसके बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने दस्तावेजी साक्ष्य और गवाहों के आधार पर रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोपों को साबित किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।

अदालत ने सुनाई चार साल की सजा

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अलवर स्थित एसीबी कोर्ट ने आरोपी बासदेव वर्मा को भ्रष्टाचार के अपराध में दोषी मानते हुए चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने उन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह फैसला सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत के इस निर्णय को भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *