#एजुकेशन #क्राइम #राज्य-शहर

पटना कोचिंग विवाद में बड़ा मोड़: खान सर को राहत, रौशन आनंद की जमानत खारिज

पटना के चर्चित कोचिंग विवाद में अदालत के फैसले के बाद नया मोड़ आ गया है। एक ओर खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैसल खान उर्फ खान सर को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिली है, वहीं ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद को अदालत से जमानत नहीं मिल सकी। दोनों पक्षों से जुड़े आरोपों और पुलिस कार्रवाई ने इस मामले को शिक्षा जगत से निकालकर राज्य की बड़ी कानूनी और राजनीतिक बहस का विषय बना दिया है।

अदालत ने खान सर को दी अंतरिम राहत

पटना सिविल कोर्ट ने फैसल खान की गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने मामले की केस डायरी और जांच से जुड़े दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं। खान सर ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दायर किया था, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें अस्थायी राहत प्रदान की। उनके वकील का कहना है कि अदालत ने जांच रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद आगे की सुनवाई में अंतिम निर्णय लेने की बात कही है। फिलहाल उनके खिलाफ कोई नई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

रौशन आनंद की जमानत याचिका खारिज

दूसरी ओर ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को अदालत से राहत नहीं मिली। उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई, जिसके बाद उन्हें फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा। बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप जमानती प्रकृति के हैं और उन्हें झूठा फंसाया गया है। हालांकि अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और पुलिस की दलीलों को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

कोचिंग सेंटर पर हमले से शुरू हुआ विवाद

पूरा मामला 2 जून को पटना के मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में हुई तोड़फोड़ और हमले की घटना से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार कुछ लोगों ने कोचिंग संस्थान में घुसकर तोड़फोड़ की और परिसर में पत्थरबाजी की, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इस घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए और मामला पुलिस तक पहुंचा। जांच के दौरान कई लोगों को आरोपी बनाया गया और गिरफ्तारियां भी हुईं।

फायरिंग और सुरक्षा कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

घटना के बाद पुलिस ने खान सर के संस्थान से जुड़े दो सुरक्षा कर्मियों को भी हिरासत में लिया था। उन पर आरोप है कि हमले के दौरान फायरिंग की गई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गोलीबारी किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका थी। इसी आधार पर फैसल खान का नाम भी प्राथमिकी में शामिल किया गया, जिसके बाद उन्होंने अदालत की शरण ली और अग्रिम राहत प्राप्त की।

रौशन आनंद के समर्थन में छात्रों का प्रदर्शन

रौशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थक छात्र भी सक्रिय हो गए हैं। कई छात्र संगठनों और समर्थकों ने उनकी रिहाई की मांग उठाई है। जानकारी के अनुसार पटना में विरोध मार्च और प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। समर्थकों का आरोप है कि रौशन आनंद को एकतरफा कार्रवाई का शिकार बनाया गया है। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और किसी भी आरोपी के साथ पक्षपात नहीं किया जा रहा।

अगली सुनवाई पर टिकी सबकी नजर

फिलहाल दोनों पक्षों की कानूनी लड़ाई जारी है। अदालत में अगली सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा प्रस्तुत केस डायरी और जांच रिपोर्ट अहम भूमिका निभाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले का असर केवल संबंधित कोचिंग संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह निजी कोचिंग क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा व्यवस्था पर भी व्यापक चर्चा को जन्म दे सकता है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *