दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बड़ा सड़क हादसा, ट्रोले से टकराई बस; एक ही परिवार के कई लोग घायल
अलवर जिले के बड़ौदामेव थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। हरिद्वार से जयपुर जा रही एक बस आगे चल रहे ट्रोले से टकरा गई। हादसे में बस में सवार कई यात्री घायल हो गए। घायलों में अधिकांश लोग एक ही परिवार के सदस्य और आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
ट्रोले से टकराई बस, मचा हड़कंप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस हरिद्वार से जयपुर की ओर जा रही थी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बड़ौदामेव थाना क्षेत्र में पहुंचते ही बस चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और बस आगे चल रहे ट्रोले से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद शुरू की।
एक ही परिवार के लोग हुए घायल
बस में सवार अधिकांश यात्री एक ही परिवार से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। सभी लोग किसी धार्मिक यात्रा या पारिवारिक कार्यक्रम से लौट रहे थे। हादसे में कई लोगों को चोटें आईं, जबकि कुछ यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। दुर्घटना के बाद घायलों को तत्काल एम्बुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
पांच घायलों को जिला अस्पताल किया गया रेफर
घटना के बाद सभी घायलों को पहले बड़ौदामेव अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सकों ने पांच लोगों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की निगरानी कर रही है।
बस चालक की हालत गंभीर
हादसे में बस चालक को भी गंभीर चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि टक्कर का सबसे ज्यादा असर चालक की सीट वाले हिस्से पर पड़ा। चिकित्सकों के अनुसार चालक की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसों ने बढ़ाई चिंता
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसे चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार, लापरवाही और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान थकान कई दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। प्रशासन और यातायात विभाग से एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की जा रही है ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।