#मनोरंजन

जलवायु परिवर्तन पर दीया मिर्जा के बयान से छिड़ी बहस, सोशल मीडिया पर मिली तीखी प्रतिक्रियाएं

अभिनेत्री और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की गुडविल एंबेसडर दीया मिर्जा का जलवायु परिवर्तन को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गया है। एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने पितृसत्तात्मक सोच और सत्ता संरचनाओं को पर्यावरणीय संकट से जोड़ते हुए अपनी राय रखी, जिसके बाद इंटरनेट पर समर्थन और आलोचना दोनों देखने को मिल रहे हैं।

पॉडकास्ट में पितृसत्ता और जलवायु संकट को जोड़ा

हाल ही में सोहा अली खान के पॉडकास्ट ‘ऑल अबाउट हर’ में अभिनेत्री दीया मिर्जा और पत्रकार आरती कुमार-राव ने पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर चर्चा की। बातचीत के दौरान दीया मिर्जा ने कहा कि पितृसत्तात्मक सत्ता संरचनाएं और नियंत्रण की मानसिकता पर्यावरणीय समस्याओं के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण मानी जा सकती हैं। उनके अनुसार, प्रकृति के दोहन और संसाधनों के अत्यधिक उपयोग के पीछे ऐसी सोच काम करती है, जो प्रभुत्व और आक्रामक विकास को प्राथमिकता देती है।

नारीवाद और पितृसत्ता पर भी रखी गई राय

चर्चा के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि पितृसत्ता का संबंध केवल पुरुषों से नहीं है और नारीवाद केवल महिलाओं तक सीमित अवधारणा नहीं है। बातचीत में इस बात पर जोर दिया गया कि सामाजिक और आर्थिक ढांचे किस तरह पर्यावरणीय चुनौतियों को प्रभावित कर सकते हैं। दीया मिर्जा और सह-चर्चाकारों ने इस मुद्दे को व्यापक सामाजिक संदर्भ में देखने की आवश्यकता पर बल दिया।

सोशल मीडिया पर बयान को लेकर छिड़ी बहस

पॉडकास्ट का यह हिस्सा सामने आने के बाद X और Reddit जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेजी से आने लगीं। कई यूजर्स ने दीया मिर्जा की बातों का समर्थन किया, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने उनके विचारों पर सवाल भी उठाए। कुछ आलोचकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन जैसे जटिल विषय को केवल पितृसत्ता से जोड़ना पर्याप्त नहीं है और इसके पीछे कई अन्य आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक कारण भी मौजूद हैं।

सेलिब्रिटी लाइफस्टाइल को लेकर भी उठे सवाल

कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने यह तर्क दिया कि पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा करने वाले प्रभावशाली लोगों की जीवनशैली और उनके कार्बन फुटप्रिंट पर भी विचार किया जाना चाहिए। आलोचकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन पर जागरूकता फैलाने के साथ-साथ व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर व्यवहार में बदलाव भी उतना ही जरूरी है। इस वजह से दीया मिर्जा के बयान के साथ-साथ सेलिब्रिटी संस्कृति और पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर भी बहस तेज हो गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार कई कारक मिलकर बढ़ाते हैं संकट

पर्यावरण विशेषज्ञ लंबे समय से यह मानते रहे हैं कि जलवायु परिवर्तन के पीछे औद्योगीकरण, जीवाश्म ईंधनों का अत्यधिक उपयोग, कॉर्पोरेट उत्सर्जन, सरकारी नीतियां और उपभोग आधारित आर्थिक मॉडल जैसे कई कारक जिम्मेदार हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर यह चर्चा भी सामने आई कि इस वैश्विक समस्या को किसी एक कारण तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता, बल्कि इसके लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *