राजस्थान के अमृत लाल मीणा को बड़ी जिम्मेदारी: परीक्षा सुधार टास्क फोर्स में मिली अहम भूमिका
देश की प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स गठित की है। इस समिति में राजस्थान के करौली जिले से ताल्लुक रखने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी अमृत लाल मीणा को भी शामिल किया गया है। लंबे प्रशासनिक अनुभव के लिए पहचाने जाने वाले मीणा अब परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने से जुड़े सुझाव तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
राजस्थान की धरती से राष्ट्रीय स्तर तक का सफर
अमृत लाल मीणा का जन्म राजस्थान के करौली जिले के सपोटरा क्षेत्र के डाबरा गांव में हुआ। ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की और बाद में जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण कर 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी के रूप में अपना करियर शुरू किया। उनका प्रशासनिक सफर युवा अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणादायक माना जाता है।
प्रशासनिक अनुभव ने दिलाई नई जिम्मेदारी
करीब साढ़े तीन दशक के प्रशासनिक अनुभव के दौरान अमृत लाल मीणा ने जिला प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार तक कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने बिहार कैडर में विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी, राज्य के मुख्य सचिव, केंद्र सरकार में कोयला सचिव और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। प्रशासन, नीति निर्माण और बड़े स्तर पर सरकारी व्यवस्थाओं के संचालन का उनका अनुभव अब परीक्षा प्रणाली में सुधार से जुड़े कार्यों में उपयोगी माना जा रहा है।
परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने पर रहेगा फोकस
सरकार द्वारा गठित टास्क फोर्स का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा और विश्वसनीयता को और मजबूत करना है। समिति परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, तकनीकी व्यवस्था, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और पारदर्शिता बढ़ाने जैसे विषयों पर सुझाव तैयार करेगी। साथ ही यह परीक्षा प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने, संभावित कमजोरियों की पहचान करने और भविष्य के लिए सुधारात्मक रोडमैप तैयार करने का काम करेगी, जिससे अभ्यर्थियों का विश्वास और मजबूत हो सके।
अनुभवी विशेषज्ञों के साथ करेंगे काम
इस उच्चस्तरीय समिति में विभिन्न क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी, प्रशासन, शिक्षा, सुरक्षा और विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञ मिलकर परीक्षा सुधार से संबंधित सुझाव देंगे। अमृत लाल मीणा इस टीम में प्रशासनिक प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े अपने अनुभव के आधार पर योगदान देंगे। विभिन्न क्षेत्रों की विशेषज्ञता को एक मंच पर लाकर परीक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक और जवाबदेह बनाने का प्रयास किया जाएगा।
युवाओं की उम्मीदों से जुड़ी अहम पहल
देशभर में लाखों छात्र-छात्राएं हर वर्ष विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के सुझावों से परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनाया जा सकता है। इस पहल से भविष्य में परीक्षा संचालन की गुणवत्ता बेहतर होने और अभ्यर्थियों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसे भी पढ़ें-गैस्ट्रोस्किसिस क्या है? 1.8 किलो के नवजात को 94 दिन के इलाज के बाद मिली नई जिंदगी