धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देवोलीना भट्टाचार्जी की मांग, बोलीं- अब पंजाब, केरल और कर्नाटक के शिक्षा मंत्री भी दें इस्तीफा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने भी अन्य राज्यों के शिक्षा मंत्रियों की जवाबदेही का मुद्दा उठाया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने एक पोस्ट का समर्थन करते हुए पंजाब, केरल और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की। इससे पहले टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी भी इसी मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुकी हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट पर देवोलीना का समर्थन
दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने पोस्ट करते हुए लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने एक नई मिसाल पेश की है और अब पंजाब, केरल तथा कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों को भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ना चाहिए। पोस्ट में राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को टैग करते हुए उनसे अपने बयानों पर कायम रहने की अपील भी की गई। इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए देवोलीना भट्टाचार्जी ने लिखा, “उल्टी गिनती शुरू हो गई है… शुभ काम में और देरी नहीं होनी चाहिए… रिजाइन कीजिए।”
श्वेता तिवारी भी उठा चुकी हैं यही सवाल
देवोलीना से पहले अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने भी शिक्षा व्यवस्था और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने CJP से जुड़े एक वीडियो को साझा करते हुए सवाल उठाया था कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है तो अन्य राज्यों के शिक्षा मंत्रियों से भी जवाबदेही क्यों नहीं मांगी जा रही। उनके इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर काफी चर्चा देखने को मिली।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद तेज हुई राजनीतिक बहस
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। विपक्ष और विभिन्न संगठनों की ओर से जवाबदेही की मांग उठाई जा रही है, वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। इसी बीच फिल्म और टीवी जगत से भी कई कलाकार अपनी-अपनी राय सोशल मीडिया के जरिए सामने रख रहे हैं।
छात्र आंदोलन के बाद बढ़ी थी इस्तीफे की मांग
परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और छात्रों के आंदोलन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग लगातार उठती रही थी। इस मुद्दे पर देशभर में प्रदर्शन हुए और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं, कलाकारों तथा सार्वजनिक हस्तियों ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अन्य राज्यों की शिक्षा व्यवस्था और संबंधित मंत्रियों की जवाबदेही को लेकर भी बहस तेज हो गई है।