भारत को मिलेंगे 105 रूसी जेट? ब्रिक्स से पहले रूस से आई बड़ी खबर
भारत और रूस के रिश्तों के बीच ब्रिक्स समिट से पहले विमान सौदे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) ने भारतीय एयरलाइंस के साथ 105 Il-114-300 रीजनल जेट्स की सप्लाई को लेकर समझौते किए हैं। बताया जा रहा है कि ये विमान पूरी तरह रूसी तकनीक और पार्ट्स से तैयार किए गए हैं। रिपोर्ट में पिनाकल एयर, एयर केरला और स्लीक एविएशन को संभावित खरीदार बताया गया है। हालांकि, सौदे की अंतिम शर्तों और डिलीवरी को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ब्रिक्स समिट के लिए भारत आने की संभावना भी चर्चा में है।
रूस की तरफ से 105 रीजनल जेट्स की खबर
स्पूतनिक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस भारत को 105 Il-114-300 रीजनल विमान उपलब्ध करा सकता है। इसके लिए यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन ने भारतीय एयरलाइंस के साथ समझौते किए हैं।
यह जानकारी भारत में आयोजित इनोप्रोम प्रदर्शनी के दौरान सामने आई बताई गई है। यदि सौदा अंतिम रूप लेता है तो भारतीय क्षेत्रीय विमानन बाजार में रूसी विमान की मौजूदगी बढ़ सकती है।
Il-114-300 की खासियत क्या है?
Il-114-300 एक रीजनल टर्बोप्रॉप विमान है। इसे कम और मध्यम दूरी के क्षेत्रीय मार्गों के लिए डिजाइन किया गया है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विमान में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख पार्ट्स और तकनीक रूस की है। इसी वजह से रूस का दावा है कि पश्चिमी प्रतिबंधों का इन विमानों की सप्लाई पर सीमित प्रभाव होगा।
किन भारतीय कंपनियों को मिल सकते हैं विमान?
रिपोर्ट के मुताबिक, तीन भारतीय विमानन कंपनियों को इन विमानों की संभावित सप्लाई की जानकारी सामने आई है। इनमें पिनाकल एयर, एयर केरला और स्लीक एविएशन के नाम शामिल हैं।
बताया गया है कि पिनाकल एयर को 50 विमान, एयर केरला को 20 और स्लीक एविएशन को 35 विमान मिल सकते हैं। इन तीनों कंपनियों के लिए कुल संख्या 105 विमान बैठती है।
रूस के लिए भी अहम है भारतीय एविएशन मार्केट
भारत का क्षेत्रीय विमानन बाजार लगातार विस्तार कर रहा है। छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए रीजनल विमानों की मांग महत्वपूर्ण हो सकती है।
ऐसे में रूसी विमान निर्माता कंपनियों के लिए भारत एक बड़ा संभावित बाजार बन सकता है। Il-114-300 की भारतीय एयरलाइंस को संभावित सप्लाई इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
ब्रिक्स समिट से पहले मोदी-पुतिन की मुलाकात संभव
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ब्रिक्स समिट 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत आने की संभावना है। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हो सकती है।
बैठक में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और तकनीक समेत कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, बैठक का अंतिम कार्यक्रम और समझौतों की आधिकारिक जानकारी संबंधित पक्षों की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
शी जिनपिंग के भारत आने की भी चर्चा
ब्रिक्स समिट को लेकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत आने की संभावना की भी चर्चा है। रिपोर्टों में उन्हें भी समिट में शामिल होने वाला संभावित नेता बताया जा रहा है।
हालांकि, उनके दौरे को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में ब्रिक्स बैठक से पहले भारत, रूस और चीन के बीच संभावित उच्चस्तरीय मुलाकातों पर नजर बनी हुई है।
प्रतिबंधों के बीच रूस की विमान रणनीति
रूस पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का असर विमानन उद्योग पर भी पड़ा है। ऐसे में घरेलू तकनीक और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पार्ट्स के इस्तेमाल पर रूस का जोर बढ़ा है।
Il-114-300 को इसी दिशा में विकसित किए गए विमानों में गिना जाता है। भारत को संभावित सप्लाई के जरिए रूस अपने विमानन उद्योग के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई जगह बनाने की कोशिश कर सकता है।
सौदे की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
105 विमानों की संभावित सप्लाई की खबर भारत-रूस संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, विमान खरीद जैसे बड़े सौदों में अंतिम कीमत, डिलीवरी शेड्यूल, प्रमाणन और परिचालन मंजूरी जैसी कई प्रक्रियाएं शामिल होती हैं।
इसलिए फिलहाल इसे रिपोर्टेड डील के तौर पर देखना उचित होगा। अंतिम तस्वीर संबंधित भारतीय एयरलाइंस, रूसी विमान निर्माता या सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।