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डीग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 175 फर्जी सिम कार्ड के साथ साइबर ठगों का सप्लायर गिरफ्तार

राजस्थान के डीग जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो गुजरात से फर्जी पहचान के आधार पर सिम कार्ड खरीदकर मेवात क्षेत्र में सक्रिय साइबर ठगों तक पहुंचाता था। आरोपी के कब्जे से 175 फर्जी सिम कार्ड और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चेन की गहन जांच कर रही है।

तकनीकी सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

डीग पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर सेल, डीएसटी और जालूकी थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस को तकनीकी माध्यम से सूचना मिली थी कि बड़ी संख्या में फर्जी सिम कार्ड लेकर एक संदिग्ध व्यक्ति अलवर की ओर से डीग क्षेत्र में आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जालूकी-गोविंदगढ़ मार्ग पर निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध युवक को रोडवेज बस से उतरने के बाद घेराबंदी कर पकड़ लिया। प्रारंभिक पूछताछ में उसकी गतिविधियां संदिग्ध मिलने पर तलाशी ली गई, जिसमें बड़ी संख्या में फर्जी सिम कार्ड बरामद हुए।

175 फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद

तलाशी के दौरान आरोपी के पास से विभिन्न दूरसंचार कंपनियों के कुल 175 सिम कार्ड मिले, जिनके संबंध में पुलिस को फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की आशंका है। इसके अलावा एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। आरोपी की पहचान डीग जिले के निवासी सहबाज के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। जब्त किए गए मोबाइल और सिम कार्ड की तकनीकी जांच कर साइबर अपराधों में इनके उपयोग की जानकारी जुटाई जा रही है।

गुजरात से खरीदकर मेवात के साइबर ठगों तक पहुंचाता था सिम

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी गुजरात के सूरत से फर्जी पहचान के आधार पर प्रत्येक सिम लगभग 600 रुपये में खरीदता था। इसके बाद इन्हें डीग, भरतपुर और मेवात क्षेत्र में सक्रिय साइबर ठगों को 2,000 से 2,500 रुपये प्रति सिम के हिसाब से बेचता था। इस अवैध कारोबार से आरोपी मोटा मुनाफा कमाने के साथ-साथ साइबर अपराधियों को फर्जी मोबाइल कनेक्शन उपलब्ध कराकर उनके नेटवर्क को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा था। पुलिस इस पूरे सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

पूरे नेटवर्क की जांच जारी, अभियान रहेगा जारी

पुलिस का मानना है कि आरोपी लंबे समय से साइबर अपराधियों के लिए फर्जी सिम उपलब्ध कराने का काम कर रहा था। अब उससे पूछताछ के आधार पर अन्य सप्लायरों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों और साइबर ठगी गिरोह से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में साइबर अपराध पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ऑपरेशन एंटीवायरस लगातार जारी रहेगा। जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की जाएगी, ताकि साइबर ठगी के संगठित गिरोहों की कमर तोड़ी जा सके।

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