संजू सैमसन को टीम से बाहर करने पर भड़के आर अश्विन, बोले- ‘वर्ल्ड कप हीरो के साथ यह सरासर नाइंसाफी’
जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम से संजू सैमसन को बाहर किए जाने पर पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल उठाए हैं। अश्विन का कहना है कि विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को लगातार बाहर रखना गलत संदेश देता है और इससे खिलाड़ियों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है।
टीम चयन पर अश्विन ने जताई नाराजगी
पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित टी20 टीम में संजू सैमसन को जगह नहीं मिलने पर खुलकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी के हालिया योगदान को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। अश्विन के मुताबिक, ऐसे फैसले खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को प्रभावित करते हैं और टीम के भीतर अनिश्चितता का माहौल पैदा कर सकते हैं।
विश्व कप प्रदर्शन के बावजूद बाहर होने पर उठे सवाल
संजू सैमसन ने हाल के टी20 विश्व कप में भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद उन्हें पहले इंग्लैंड के खिलाफ कुछ मुकाबलों में मौका नहीं मिला और अब जिम्बाब्वे दौरे की टीम से भी बाहर रखा गया है। चयनकर्ताओं की ओर से इसे ‘आराम’ (Rest) का फैसला बताया गया है, लेकिन इस पर क्रिकेट जगत में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
‘असुरक्षा का माहौल टीम के लिए सही नहीं’
अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान अश्विन ने कहा कि यदि खिलाड़ियों को लगातार यह डर रहे कि एक-दो खराब मैचों के बाद उन्हें बाहर कर दिया जाएगा, तो वे खुलकर प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट जैसे आक्रामक प्रारूप में खिलाड़ियों का मानसिक रूप से निडर होना बेहद जरूरी है। यदि चयन प्रक्रिया में निरंतरता नहीं होगी, तो खिलाड़ी टीम के लिए खेलने के बजाय अपनी जगह बचाने के दबाव में आ सकते हैं।
टीम संतुलन और खिलाड़ियों के आत्मविश्वास पर असर
अश्विन ने यह भी कहा कि लगातार बदलाव किसी भी टीम के संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। उनके अनुसार, यदि किसी खिलाड़ी ने बड़े मंच पर खुद को साबित किया है, तो उसे पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि बार-बार टीम से अंदर-बाहर होने की स्थिति खिलाड़ी के प्रदर्शन और मानसिक स्थिति दोनों पर असर डाल सकती है।
चयनकर्ताओं के फैसले पर बनी हुई है बहस
संजू सैमसन को लेकर चयनकर्ताओं के फैसले पर क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों के बीच बहस जारी है। जहां बीसीसीआई के सूत्र इसे कार्यभार प्रबंधन और आराम का हिस्सा बता रहे हैं, वहीं कई पूर्व क्रिकेटर इसे चयन नीति की निरंतरता से जोड़कर देख रहे हैं। आने वाले मुकाबलों में टीम का प्रदर्शन और भविष्य की चयन प्रक्रिया इस बहस को और तेज कर सकती है।