ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी का संबोधन, ‘ऑपरेशन सिंदूर की गूंज दुनिया तक पहुंची’
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की वैश्विक भूमिका, भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों और प्रवासी भारतीयों के योगदान की सराहना की। अपने संबोधन में उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई का भी उल्लेख करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान धमाके आतंकियों के अड्डों पर हो रहे थे और उनकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही थी।’ कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी मौजूद रहे।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कार्रवाई आतंकियों के ठिकानों पर केंद्रित थी और उसका संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाने में सक्षम है तथा वैश्विक मंच पर भी अपनी स्पष्ट और मजबूत भूमिका निभा रहा है।
मेलबर्न में भारतीय समुदाय की सराहना
करीब 30 हजार प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मेलबर्न में मिला स्नेह और उत्साह अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों की सबसे मजबूत कड़ी है। प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज का भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आभार व्यक्त किया और दोनों देशों की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने वाला बताया।
भारत-ऑस्ट्रेलिया रिश्तों पर दिया विशेष जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 में उनका पहला ऑस्ट्रेलिया दौरा 28 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा थी। उन्होंने याद दिलाया कि तब उन्होंने कहा था कि अगली यात्रा के लिए 28 वर्ष का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब 12 वर्षों में यह उनका तीसरा दौरा है, जो दोनों देशों के मजबूत होते संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि व्यापार, रक्षा, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और निवेश जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
भारतीय संस्कृति की मिठास का दिया संदेश
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारतीय संस्कृति और प्रवासी भारतीयों की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां अपने संस्कार, परंपराएं और संस्कृति साथ लेकर जाते हैं। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि ऑस्ट्रेलिया का दूध हो सकता है, लेकिन उससे बनने वाली चाय भारतीय स्वाद लिए होती है। इसी तरह स्थानीय सब्जियों में भी भारतीय मसालों का तड़का दुनिया को भारत की पहचान कराता है।
अल्बनीज ने भारतीय समुदाय की ऊर्जा की सराहना की
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय समुदाय के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के लोगों ने ऑस्ट्रेलिया की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके अनुसार, भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी ऊर्जा, विश्वास और साझा मूल्यों पर आधारित है, जो भविष्य में और अधिक मजबूत होगी।
कई अहम समझौतों पर भी बनी सहमति
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने व्यापार और निवेश बढ़ाने के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र में भी सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया। इसके अलावा यूरेनियम आपूर्ति समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देने पर भी चर्चा हुई।