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लूंगी विवाद पर सुष्मिता देव ने दी सफाई, BJP सांसद बोलीं- ‘अब दूध का दूध और पानी का पानी’

इंट्रो: संसद में पहनावे को लेकर उठे कथित ‘लूंगी विवाद’ पर अब तृणमूल कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने और न ही किसी अन्य सदस्य ने किसी राज्य के पारंपरिक पहनावे को लेकर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने संबंधित सांसद से व्यक्तिगत बातचीत के लिए भी तैयार होने की बात कही। वहीं, बीजेपी सांसद ने सफाई के बाद मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब सच्चाई सामने आ जाएगी।

सुष्मिता देव ने आरोपों को किया खारिज

सुष्मिता देव ने विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से समझा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी राज्य या वहां के पारंपरिक पहनावे के बारे में कोई गलत टिप्पणी नहीं की। उनका कहना है कि इस मामले में जो धारणा बनाई जा रही है, वह वास्तविक बातचीत से अलग है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी सदस्य को उनके बयान से आपत्ति हुई है तो वह व्यक्तिगत रूप से बातचीत करके स्थिति स्पष्ट करने को तैयार हैं।

‘किसी राज्य के पहनावे पर टिप्पणी नहीं की’

सुष्मिता देव के मुताबिक, उन्होंने या सदन के किसी अन्य सदस्य ने किसी राज्य की पोशाक को लेकर अपमानजनक टिप्पणी नहीं की। उनका यह बयान उस विवाद के बीच आया है, जिसमें कथित तौर पर लूंगी को लेकर टिप्पणी किए जाने का मुद्दा सामने आया था। उन्होंने कहा कि पहनावा किसी भी क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा होता है और इस मामले में उनकी मंशा किसी समुदाय या राज्य की संस्कृति को ठेस पहुंचाने की नहीं थी।

ब्रिटास से व्यक्तिगत बातचीत को तैयार

सुष्मिता देव ने कहा कि वह संबंधित सांसद जॉन ब्रिटास से व्यक्तिगत रूप से बात करने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि बातचीत के जरिए गलतफहमी को दूर किया जा सकता है। इस पूरे विवाद में अब दोनों पक्षों के बयानों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। सुष्मिता की सफाई के बाद मामला और स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है, हालांकि विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है।

BJP सांसद ने कहा- ‘दूध का दूध और पानी का पानी’

सुष्मिता देव की सफाई पर बीजेपी सांसद ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अब मामले में ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो जाएगा। बीजेपी की ओर से इस मुद्दे को लेकर पहले भी सवाल उठाए गए थे। पार्टी का रुख है कि संसद में किसी भी राज्य, समुदाय या उसकी सांस्कृतिक पहचान से जुड़े पहनावे को लेकर टिप्पणी करते समय संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए।

विवाद ने पकड़ा राजनीतिक रंग

लूंगी से जुड़ा यह विवाद अब सिर्फ व्यक्तिगत बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। एक तरफ सुष्मिता देव ने किसी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी से इनकार किया है, वहीं बीजेपी की ओर से मामले को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में संबंधित सांसदों के बीच बातचीत और पूरे घटनाक्रम का स्पष्ट संदर्भ सामने आने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी।

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Stv News Rajasthan

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