भीलवाड़ा में आकाशीय बिजली का कहर, खेत में नाना-दोहित्री समेत सात बकरियों की मौत
भीलवाड़ा जिले के रायपुर क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। खेत में बकरियां चराने गए एक बुजुर्ग और उनकी सात वर्षीय दोहित्री की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में सात बकरियां भी बिजली की चपेट में आ गईं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है, जबकि पुलिस ने मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की है।
खेत से देर तक नहीं लौटे तो परिजनों ने शुरू की तलाश
जानकारी के अनुसार, रायपुर थाना क्षेत्र के कलाल खेड़ी गांव निवासी 65 वर्षीय धर्मनाथ योगी अपनी सात वर्षीय दोहित्री गायत्री के साथ घर से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में बकरियां चराने गए थे। देर शाम तक दोनों के घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। कुछ बकरियों के अकेले वापस आने के बाद परिवार के सदस्य टॉर्च लेकर खेत की ओर पहुंचे। वहां धर्मनाथ और गायत्री अचेत अवस्था में पड़े मिले। पास में सात बकरियां भी मृत मिलीं, जिससे आशंका जताई गई कि सभी आकाशीय बिजली की चपेट में आए।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही रायपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय प्रशासन के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। ग्रामीणों की सहायता से दोनों शवों को राजकीय अस्पताल की मोर्चरी पहुंचाया गया, जहां पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी की गईं। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की तथा उन्हें सांत्वना दी। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
दोहित्री की पढ़ाई को लेकर थे बड़े सपने
परिजनों के अनुसार, गायत्री अपने नाना की बेहद लाडली थी। बताया गया कि धर्मनाथ ने इसी वर्ष उसे अपने पास बुलाकर स्थानीय विद्यालय में दाखिला दिलाया था। परिवार का कहना है कि वह अपनी दोहित्री को अच्छी शिक्षा दिलाकर उसका भविष्य संवारना चाहते थे। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया और उनके सपने अधूरे रह गए।
बारिश के मौसम में सावधानी बरतने की अपील
मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि गरज-चमक के दौरान खुले खेत, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास रुकने से बचना चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर शरण लेना और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना ऐसे हादसों से बचाव के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।
इसे भी पढ़ें –जयपुर में छात्र प्रदर्शन के बीच पुलिस की अनोखी पहल, समझाइश और ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ शांतिपूर्वक खत्म हुआ धरना