जालोर में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप: घर में घुसकर महिलाओं से मारपीट का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
राजस्थान के जालोर जिले के सोमता गांव में जमीन और रास्ते के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ लोग हथियारों के साथ एक घर में घुस गए और महिलाओं सहित परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। घटना में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि महिलाओं के जेवर छीनने का भी आरोप लगाया गया है। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
जमीन और रास्ते के विवाद ने बढ़ाया तनाव
रामसीन थाना क्षेत्र के सोमता गांव में दो पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन और रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के चलते एक पक्ष के लोग कथित तौर पर कुल्हाड़ी, लोहे की रॉड और डंडे लेकर दूसरे पक्ष के घर पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिससे क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
महिलाओं पर हमले और जेवर छीनने के आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने घर में मौजूद महिलाओं के साथ भी मारपीट की। उनका कहना है कि हमले के दौरान महिलाओं को गंभीर चोटें आईं और उनके पहने हुए सोने के झुमके भी छीन लिए गए। घायल महिलाओं को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
वायरल वीडियो की भी हो रही जांच
घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो में कुछ लोगों के बीच मारपीट जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। पुलिस ने वीडियो को जांच का हिस्सा बनाया है और डिजिटल साक्ष्यों के साथ अन्य सबूत भी जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, निष्पक्ष जांच का भरोसा
रामसीन थाना पुलिस के अनुसार, एक पक्ष की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि विवाद से जुड़े सभी पहलुओं, वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।