कुचेरा में पार्षद के अपहरण की शिकायत से नया विवाद, वीडियो में बोले- साला झूठा; 21 सितंबर को अध्यक्ष चुनाव
नागौर के कुचेरा नगर पालिका में अध्यक्ष पद को लेकर चल रही सियासी खींचतान लगातार बढ़ती जा रही है। कांग्रेस समर्थित पार्षद निंबाराम के कथित अपहरण की शिकायत के बाद शुक्रवार को पुलिस बाड़ेबंदी स्थल पहुंची। पार्षद के साले ने कुचेरा थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी आधार पर मूंडवा डीएसपी धरम पूनिया पुलिस टीम के साथ होटल पहुंचे। तलाशी के दौरान पार्षद वहां नहीं मिले। बाद में निंबाराम का वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने खुद को सुरक्षित बताया और अपने साले को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच अनबन है और उनके साले ने किसी के बहकावे में शिकायत की है।
अपहरण की शिकायत के बाद होटल पहुंची पुलिस
शुक्रवार सुबह मूंडवा डीएसपी धरम पूनिया पुलिस बल के साथ बीकानेर रोड स्थित होटल पहुंचे। यहां कांग्रेस समर्थित पार्षदों के ठहरने की जानकारी थी।
पुलिस के अनुसार, वार्ड 9 के पार्षद निंबाराम के साले ने उनके अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस पार्षद को तलाशने होटल पहुंची।
पुलिस ने होटल परिसर की तलाशी ली, लेकिन निंबाराम वहां नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई के लिए पार्षद के बयान को महत्वपूर्ण बताया।
वीडियो जारी कर पार्षद ने कहा- मैं सुरक्षित हूं
पुलिस के होटल पहुंचने के बीच निंबाराम का एक वीडियो सामने आया। इसमें वह दो अन्य पार्षदों के साथ बैठे नजर आए।
वीडियो में निंबाराम ने खुद को सुरक्षित बताया और परिवार के लोगों से परेशान नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनका अपहरण नहीं हुआ है और वह अपनी इच्छा से वहां मौजूद हैं।
इसके बाद अधिवक्ता महावीर विश्नोई के साथ उनका एक और वीडियो सामने आया। इसमें निंबाराम ने अपने साले को झूठा बताते हुए कहा कि दोनों के बीच अनबन चल रही है।
‘साले ने किसी के बहकावे में शिकायत की’
निंबाराम ने वीडियो में दावा किया कि उनके साले ने किसी दूसरे व्यक्ति के बहकावे में आकर अपहरण की शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भाजपा से जुड़े लोगों से खतरा है और वह जहां भी हैं, सुरक्षित हैं। उनके इस बयान के बाद अपहरण की शिकायत का मामला और पेचीदा हो गया है।
फिलहाल पुलिस शिकायत और पार्षद के बयान दोनों को जांच का हिस्सा बना रही है। पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से पूरे घटनाक्रम पर अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
गुरुवार को पार्षदों के काफिले पर हमले का आरोप
इससे पहले गुरुवार को शपथ ग्रहण के बाद कुचेरा से नागौर आ रहे कांग्रेस समर्थित पार्षदों के साथ कथित हमले की घटना सामने आई थी।
निवर्तमान पालिकाध्यक्ष तेजपाल मिर्धा ने आरोप लगाया कि झुंझाला गांव के पास कुछ लोगों ने पार्षदों के वाहनों के आगे पिकअप और कैंपर गाड़ियां लगाकर उन्हें टक्कर मारने का प्रयास किया।
मिर्धा के अनुसार, इसके बाद पार्षद अपने वाहनों को तेजी से वहां से निकालकर मूंडवा डीएसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
पुलिस सुरक्षा में नागौर लाए गए पार्षद
घटना के बाद मूंडवा डीएसपी धरम पूनिया के नेतृत्व में कांग्रेस समर्थित पार्षदों को पुलिस सुरक्षा दी गई।
इसके बाद पार्षदों को नागौर लाकर बीकानेर रोड स्थित तेजपाल मिर्धा के दुपहिया वाहन शोरूम में ठहराया गया। शोरूम के बाहर पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया।
नागौर में डीएसपी जतिन जैन के नेतृत्व में भी पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा मांगने वाले लोगों को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
अध्यक्ष पद के लिए 13 पार्षदों का आंकड़ा
कुचेरा नगर पालिका में अध्यक्ष पद का चुनाव बेहद करीबी राजनीतिक गणित के बीच होना है। चुनाव परिणाम में कांग्रेस के 12 पार्षद और भाजपा के आठ पार्षद निर्वाचित हुए हैं।
नामांकन के दौरान कांग्रेस के एक प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने के बाद पार्टी ने एक निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन दिया था। चुनाव जीतने के बाद यह निर्दलीय पार्षद कांग्रेस खेमे के साथ बताया जा रहा है।
अध्यक्ष पद के लिए 13 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। इसलिए एक अतिरिक्त पार्षद का समर्थन दोनों खेमों के लिए अहम हो गया है।
भाजपा खेमे ने चार निर्दलीयों के समर्थन का दावा किया
उपलब्ध जानकारी के अनुसार पूर्व विधायक रिछपाल सिंह मिर्धा के नेतृत्व में भाजपा खेमे ने महेंद्रपाल चौधरी और उनके पार्षद पुत्र अजयपाल को भाजपा में शामिल कराया है।
इसके अलावा भाजपा खेमे की ओर से चार निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा किया जा रहा है। भाजपा के आठ पार्षद और चार समर्थित पार्षद मिलाकर संख्या 12 होने का दावा है।
ऐसे में बहुमत के लिए एक और पार्षद के समर्थन की जरूरत बताई जा रही है। हालांकि अंतिम राजनीतिक स्थिति अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान ही स्पष्ट होगी।
तेजपाल मिर्धा ने लगाए गंभीर आरोप
निवर्तमान पालिकाध्यक्ष तेजपाल मिर्धा ने घटना को लेकर डेगाना के पूर्व विधायक और उनके पुत्र समेत कुचेरा के पूर्व पालिकाध्यक्ष पर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि चुनाव में बहुमत हासिल नहीं कर पाने के बाद विरोधी पक्ष ऐसी गतिविधियां कर रहा है। हालांकि ये आरोप तेजपाल मिर्धा की ओर से लगाए गए हैं।
वहीं कुचेरा के पूर्व पालिकाध्यक्ष महेंद्रपाल चौधरी ने इन आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कथित हमले से उनका कोई लेना-देना नहीं है और इसमें भाजपा का कोई व्यक्ति शामिल नहीं है।
पुलिस ने कहा- सुरक्षा मांगने वालों को उपलब्ध कराएंगे
कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक नागौर आशाराम चौधरी ने कहा कि तेजपाल मिर्धा की ओर से सुरक्षा की मांग की गई थी।
उनके मुताबिक, पुलिस ने उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराते हुए उनके इच्छित स्थान तक सुरक्षित पहुंचाया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि आगे भी जो व्यक्ति सुरक्षा की मांग करेगा, उसे नियमानुसार सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
21 सितंबर को होना है अध्यक्ष का चुनाव
कुचेरा नगर पालिका में अध्यक्ष पद का चुनाव 21 सितंबर को होना है। चुनाव से पहले पार्षदों की सुरक्षा, बाड़ेबंदी और समर्थन जुटाने को लेकर दोनों खेमों की गतिविधियां तेज हैं।
एक तरफ कथित अपहरण की शिकायत और पार्षद के वीडियो ने विवाद को नया मोड़ दिया है। वहीं दूसरी तरफ गुरुवार को पार्षदों के काफिले पर कथित हमले का मामला भी जांच के दायरे में है।
अब पुलिस जांच और पार्षदों के बयानों के साथ 21 सितंबर के अध्यक्ष चुनाव पर सभी की नजर रहेगी।