‘कोहली को थोड़ा सब्र रखना चाहिए था’, टेस्ट संन्यास पर कपिल देव ने उठाए सवाल
भारत के महान कप्तान कपिल देव ने विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका मानना है कि कोहली में अभी भी टेस्ट क्रिकेट खेलने की क्षमता थी और यदि वह कुछ समय धैर्य रखते, घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन करते और वापसी की कोशिश करते, तो दोबारा भारतीय टीम का हिस्सा बन सकते थे।
‘थोड़ा इंतजार करते तो वापसी संभव थी’
एक इंटरव्यू में कपिल देव ने कहा कि विराट कोहली का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना उन्हें निराश करने वाला फैसला लगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बात किसी रिकॉर्ड या 10 हजार रन जैसे आंकड़ों से जुड़ी नहीं है। उनके अनुसार यदि कोहली कुछ समय धैर्य रखते और परिस्थितियों का सामना करते, तो उनके लिए भारतीय टेस्ट टीम में वापसी के रास्ते खुले रह सकते थे। कपिल का मानना है कि इतने अनुभवी खिलाड़ी को जल्दबाजी में ऐसा फैसला नहीं लेना चाहिए था।
‘कोहली में आज भी टेस्ट खेलने की क्षमता है’
कपिल देव ने कहा कि अगर चयन या टीम प्रबंधन से निराशा भी मिली थी, तब भी विराट को घरेलू क्रिकेट खेलकर खुद को फिर साबित करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मेहनत और प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में वापसी संभव थी। उनके मुताबिक कोहली की फिटनेस, अनुभव और क्षमता आज भी उन्हें टेस्ट क्रिकेट में सफल बना सकती थी और वह देश का प्रतिनिधित्व करने के योग्य हैं।
जॉन मैकेनरो से की विराट की तुलना
पूर्व विश्व कप विजेता कप्तान ने विराट कोहली के आक्रामक स्वभाव की तुलना टेनिस के दिग्गज जॉन मैकेनरो से की। उन्होंने कहा कि कुछ खिलाड़ी संघर्ष और आक्रामक रवैये के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं और विराट भी उन्हीं में से एक हैं। कपिल के अनुसार मैदान पर उनका जोश कई बार जरूरत से ज्यादा नजर आता था, लेकिन यही ऊर्जा उनकी पहचान भी रही है।
द्रविड़, गावस्कर और सचिन का भी किया जिक्र
कपिल देव ने बातचीत के दौरान राहुल द्रविड़, सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों ने हमेशा अपने खेल से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी का स्वभाव अलग होता है। जहां कुछ खिलाड़ी शांत रहकर प्रदर्शन करते हैं, वहीं कुछ चुनौतियों का सामना आक्रामक अंदाज में करते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उनका अपना स्वभाव अलग था, लेकिन विराट और मैकेनरो जैसे खिलाड़ियों का जुझारू अंदाज खेल को रोमांचक भी बनाता है।