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खाटूश्यामजी में ई-रिक्शा व्यवस्था बदली, 5 नए रूट लागू; श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर यातायात सुविधा

राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। बढ़ती भीड़ और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने ई-रिक्शा संचालन के नए नियम लागू करने का फैसला किया है। अब सभी ई-रिक्शों का अनिवार्य पंजीयन होगा, प्रत्येक वाहन को रूट के अनुसार कलर-कोड और यूनिक स्टिकर मिलेगा तथा संचालन केवल निर्धारित मार्गों पर ही किया जा सकेगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित परिवहन उपलब्ध कराना है।

ई-रिक्शा संचालन के लिए लागू होंगे नए नियम

खाटूश्यामजी थाना परिसर में पुलिस अधिकारियों और ई-रिक्शा यूनियन की बैठक के बाद नई व्यवस्था पर सहमति बनी। पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नुनावत ने बताया कि शहर में लगातार बढ़ रही ई-रिक्शों की संख्या के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक ई-रिक्शा का पंजीयन अनिवार्य होगा और सभी वाहनों की पहचान रूटवार कलर-कोड व यूनिक स्टिकर के माध्यम से की जाएगी, जिससे निगरानी और यातायात प्रबंधन अधिक प्रभावी बन सके।

पांच निर्धारित रूट पर ही चलेेंगे ई-रिक्शा

पुलिस प्रशासन ने ई-रिक्शा संचालन के लिए पांच अलग-अलग रूट तय किए हैं। अब सभी चालक केवल अपने निर्धारित मार्ग पर ही वाहन चला सकेंगे। भीड़भाड़ वाले दिनों में इन्हीं रूटों के अनुसार यातायात संचालित किया जाएगा। यदि कोई ई-रिक्शा निर्धारित मार्ग से बाहर संचालित होता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस व्यवस्था से अनावश्यक भीड़ और जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।

रजिस्ट्रेशन और मालिक द्वारा संचालन होगा अनिवार्य

नई व्यवस्था के तहत केवल पंजीकृत मालिक ही अपना ई-रिक्शा चला सकेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किराए पर ई-रिक्शा चलाने की व्यवस्था समाप्त की जाएगी। यदि वाहन किसी अन्य व्यक्ति द्वारा संचालित करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। प्रशासन का मानना है कि इससे जवाबदेही बढ़ेगी और यातायात व्यवस्था अधिक अनुशासित होगी।

बाहरी ई-रिक्शों पर भी रहेगा नियंत्रण

प्रशासन ने बाहरी क्षेत्रों से आने वाले ई-रिक्शों के लिए भी अलग नियम तय किए हैं। ऐसे वाहन केवल गोल्डन वाटर पार्क डायवर्जन तक ही आ सकेंगे। शहर के मुख्य धार्मिक और बाजार क्षेत्र में उनके प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। इससे स्थानीय यातायात पर दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुगम बनेगी।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस

पुलिस का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल नियम लागू करना नहीं, बल्कि खाटूश्यामजी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है। रूटवार संचालन, वाहन पहचान प्रणाली और सख्त निगरानी से ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत होगी तथा भीड़भाड़ वाले अवसरों पर यात्रियों को कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

ई-रिक्शा के लिए तय किए गए पांच रूट

  • रूट-1: 25 बीघा सरकारी पार्किंग – मेला डायवर्जन – होटल खाटूश्यामजी पैलेस – शनि मंदिर – लामियां तिराहा।
  • रूट-2: रोडवेज बस स्टैंड – संस्कृत स्कूल – अलोदा तिराहा – थाना मोड़ – पीडब्ल्यूडी मोड़ – शंभू शेखावत चेन।
  • रूट-3: 25 बीघा सरकारी पार्किंग – सागर पाइप फैक्ट्री – नगर पालिका के पीछे – रोडवेज चौराहा – संस्कृत स्कूल – अलोदा तिराहा – पीडब्ल्यूडी मोड़।
  • रूट-4: सांवलपुरा पार्किंग – अलोदा तिराहा – पीडब्ल्यूडी मोड़।
  • रूट-5: सीतारामपुरा की जोहड़ी – लामियां तिराहा – लखदातार मैदान।

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