सात समंदर पार भी चांद का दीदार, शिकागो से कनाडा तक करवा चौथ का जश्न
जयपुर। सात समंदर पार रहने के बावजूद भारतीय महिलाओं ने करवा चौथ का पर्व पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया। अमेरिका के शिकागो से लेकर ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों में भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिली। हाथों में मेहंदी, सोलह श्रृंगार, पारंपरिक परिधान और पूजा की सजी थालियों के साथ महिलाओं ने चांद निकलने का इंतजार किया। कई शहरों में एनआरआई महिलाओं ने सामूहिक पूजा का आयोजन किया और एक-दूसरे के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।
विदेशों में भी दिखी भारतीय परंपराओं की झलक
करवा चौथ का पर्व भारत के साथ विदेशों में रहने वाले भारतीय परिवारों के बीच भी उत्साह से मनाया गया। शिकागो, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न शहरों में महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की।कई जगह एनआरआई महिलाएं एक साथ जुटीं। किसी ने पारंपरिक साड़ी पहनी तो किसी ने लहंगे और अन्य पारंपरिक परिधानों में सोलह श्रृंगार किया। हाथों में मेहंदी और चूड़ियों के साथ सजी महिलाओं ने पूजा की थालियां तैयार कीं। परिवार और देश से दूर रहते हुए भी उन्होंने अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखा।
पूजा और करवा चौथ की कथा के बाद चांद का इंतजार
करवा चौथ के अवसर पर महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा की और करवा चौथ की कथा सुनी। दिनभर व्रत रखने के बाद सभी को रात में चांद निकलने का इंतजार रहा।चंद्र दर्शन होने पर महिलाओं ने चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित किया और पति की लंबी उम्र तथा सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की। इसके बाद पारंपरिक रीति के अनुसार व्रत का पारण किया। विदेशों में भी महिलाओं ने अपने परिवार और परिचितों के साथ मिलकर इन रस्मों को निभाया।
सामूहिक पूजा ने परिवार और संस्कृति से जोड़ा
विदेशों में आयोजित सामूहिक पूजा ने महिलाओं को अपने देश, परिवार और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर दिया। घर-परिवार से दूर रहने वाली महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।ऐसे आयोजन केवल धार्मिक परंपराओं तक सीमित नहीं रहते, बल्कि विदेशों में बसे भारतीय समुदाय को आपस में जोड़ने का माध्यम भी बनते हैं। त्योहारों के जरिए नई पीढ़ी को भारतीय रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने का अवसर मिलता है।
शिकागो से कनाडा तक दिखा उत्साह
शिकागो से लेकर ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया तक करवा चौथ के आयोजन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए गए। इनमें महिलाएं पारंपरिक परिधानों में पूजा करती और चांद निकलने का इंतजार करती दिखाई दीं।कई जगह महिलाओं ने समूह में पूजा की और त्योहार की खुशियां मनाईं। इन तस्वीरों में भारतीय संस्कृति के प्रति उनका लगाव साफ नजर आया। देश से हजारों किलोमीटर दूर रहने के बावजूद त्योहार की परंपराओं को निभाने का उत्साह बना रहा।
सरहदों से दूर भी कायम है परंपराओं का जुड़ाव
करवा चौथ की ये तस्वीरें बताती हैं कि भारतीय संस्कृति की पहचान केवल देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है। सात समंदर पार भी चांद के दीदार की प्रतीक्षा, परिवार की खुशहाली की कामना और परंपराओं को निभाने का उत्साह कायम है।भारत में जिस तरह महिलाएं करवा चौथ पर चांद का इंतजार करती हैं, वैसा ही उत्साह विदेशों में बसे भारतीय परिवारों में भी दिखाई दिया। जगह और समय भले अलग हों, लेकिन त्योहार से जुड़ी भावनाएं और सांस्कृतिक जुड़ाव एक जैसे रहे।