दिल्ली में बारिश से टला CEC के खिलाफ विपक्ष का कार्यक्रम, राहुल गांधी बोले- वोट के अधिकार की लड़ाई जारी रहेगी
नई दिल्ली। दिल्ली में लगातार बारिश के चलते मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्तावित सांकेतिक ‘पब्लिक इम्पीचमेंट’ कार्यक्रम एक दिन के लिए टाल दिया गया है। अब यह कार्यक्रम 31 अक्टूबर को आयोजित किए जाने की संभावना है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बारिश में वरिष्ठ नेताओं को बैठने में परेशानी होती, इसलिए सभी की सहमति से तारीख बदली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम का स्वरूप नहीं बदलेगा और विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली को लेकर भी राहुल गांधी ने लोगों से शामिल होने की अपील की है।
बारिश के कारण एक दिन आगे बढ़ा कार्यक्रम
इंडिया गठबंधन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार को सांकेतिक सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। लगातार बारिश के कारण इसे एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वरिष्ठ नेताओं को बारिश में बैठने से असुविधा होती, इसलिए कार्यक्रम शनिवार को उसी समय आयोजित किया जाएगा।यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित करने की योजना है। विपक्षी दल इसे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर सांकेतिक विरोध के रूप में देख रहे हैं। इसे संवैधानिक महाभियोग की औपचारिक प्रक्रिया से अलग समझना जरूरी है।
राहुल गांधी बोले- आंदोलन का स्वरूप नहीं बदलेगा
राहुल गांधी ने कहा कि कार्यक्रम केवल एक दिन के लिए टाला गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका स्वरूप पहले जैसा ही रहेगा। उनके मुताबिक, विपक्ष इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाता रहेगा।राहुल गांधी ने कहा कि यह केवल किसी एक राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है। इसमें राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक संगठन, नागरिक समाज, पत्रकार और आम लोग भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने इसे संविधान और मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर साझा आवाज बताया।
रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होगी विपक्ष की रैली
इंडिया गठबंधन की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली आयोजित करने की योजना है। राहुल गांधी ने लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है।उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के अलावा सामाजिक संगठनों, सेवा से जुड़े लोगों, नागरिक समाज और पत्रकारों का भी स्वागत है। रैली में SIR प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे उठाए जाने की बात कही गई है।विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों का आकलन निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों, आपत्तियों और संबंधित रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने दिल्ली आने वालों को रोके जाने का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब से दिल्ली आने वाले कुछ लोगों को रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह की ओर से लोगों को दिल्ली पहुंचने से रोकने की कोशिश की जा रही है।ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं। उपलब्ध जानकारी में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में सरकार और दिल्ली पुलिस का पक्ष सामने आने पर स्थिति के दूसरे पहलू को भी समझा जा सकेगा।
वोट के अधिकार को आंदोलन का मुख्य मुद्दा बनाया
राहुल गांधी ने अपने बयान में मताधिकार को लोकतंत्र की बुनियाद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में लोगों के मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इनकी भूमिका से चुनावी व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर असर पड़ रहा है।ये आरोप विपक्ष की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं। इनकी पुष्टि के लिए संबंधित तथ्यों और निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पक्ष को देखना जरूरी है।
SIR पर विपक्ष और निर्वाचन आयोग के बीच जारी बहस
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR चुनावी सूची की जांच और अद्यतन करने की प्रक्रिया है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग का पक्ष और पुनरीक्षण से जुड़े आधिकारिक आंकड़े भी इस बहस में महत्वपूर्ण हैं। आयोग की प्रक्रिया, नामों को हटाने के कारण और आपत्ति दर्ज कराने के विकल्पों की जानकारी के आधार पर ही पूरे मुद्दे का आकलन किया जा सकता है।विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। अब 31 अक्टूबर के सांकेतिक कार्यक्रम और 1 नवंबर की रैली के दौरान इन मुद्दों पर आगे की रणनीति सामने आ सकती है।
दिल्ली में दो दिन तक विपक्ष के कार्यक्रमों पर नजर
बारिश के कारण CEC के खिलाफ प्रस्तावित कार्यक्रम की तारीख बदली गई है, जबकि रामलीला मैदान की रैली 1 नवंबर के लिए निर्धारित है। दोनों कार्यक्रमों के जरिए विपक्ष SIR और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों को उठाने की तैयारी में है।अब यह देखना होगा कि दोनों कार्यक्रमों में कितनी भागीदारी रहती है और निर्वाचन आयोग तथा सरकार की ओर से उठाए गए सवालों पर क्या प्रतिक्रिया आती है। फिलहाल राहुल गांधी ने स्पष्ट किया है कि बारिश के कारण तारीख बदली है,लेकिन आंदोलन जारी रहेगा।