ठाणे में मीनाक्षी शिंदे की बढ़ीं मुश्किलें, महिला आघाड़ी प्रमुख पद से इस्तीफा; पूर्णेकर हत्याकांड में जांच जारी
ठाणे। शिवसेना के शिंदे गुट की नेता और ठाणे की पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे को प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड के बीच पार्टी पद छोड़ना पड़ा है। उन्होंने ठाणे जिला महिला आघाड़ी प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला महाराष्ट्र के मंत्री प्रताप सरनाईक की उस टिप्पणी के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने जांच पूरी होने तक मीनाक्षी को संगठनात्मक पद से अलग रहने की सलाह दी थी। इस बीच शिवसेना (UBT) के नेता आदित्य ठाकरे और संजय राउत ने पूर्णेकर के परिवार से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई की मांग उठाई। हत्याकांड में मीनाक्षी और उनके पति राजेंद्र शिंदे पर परिवार और विपक्ष की ओर से आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, दोनों इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
मीनाक्षी शिंदे ने एकनाथ शिंदे को सौंपा इस्तीफा
ठाणे की पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे ने गुरुवार को शिवसेना के प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को अपना इस्तीफा सौंपा। वह पार्टी की ठाणे जिला महिला आघाड़ी प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों से उन्हें दुख पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ राजनीतिक लोग उनका नाम मामले से जोड़कर पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मीनाक्षी के मुताबिक, पार्टी और नेतृत्व की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया। उन्होंने हत्याकांड से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है।
प्रताप सरनाईक की टिप्पणी के बाद आया फैसला
मीनाक्षी शिंदे का इस्तीफा महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक की टिप्पणी के करीब 24 घंटे बाद आया। सरनाईक ने बुधवार को कहा था कि गंभीर आरोपों का सामना कर रहे किसी नेता को जांच पूरी होने तक संगठनात्मक पद से अलग हो जाना चाहिए।उन्होंने इसे अपना व्यक्तिगत विचार बताया था। सरनाईक के अनुसार, उन्होंने अपनी राय उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तक भी पहुंचाई थी। इसके बाद मीनाक्षी के पद छोड़ने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।
प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड में क्या है मामला?
शिवसेना (UBT) के मानपाड़ा विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की 29 सितंबर 2026 को ठाणे में हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, चार हमलावर उनके कार्यालय में घुसे थे और उन पर हमला किया था। इस मामले में पुलिस अब तक पांच संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी है।पूर्णेकर के परिवार ने मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस ने अब तक दोनों को FIR में नामजद नहीं किया है। दोनों से पूछताछ की गई है और मीनाक्षी ने जांच में सहयोग करने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
आदित्य ठाकरे और संजय राउत ने परिवार से की मुलाकात
पूर्णेकर की हत्या के बाद शिवसेना (UBT) के नेताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। आदित्य ठाकरे और सांसद संजय राउत ने ठाणे पहुंचकर मृतक के परिवार से मुलाकात की।उन्होंने परिवार को समर्थन दिया और मीनाक्षी शिंदे तथा उनके पति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की मांग की। दूसरी ओर, शिंदे गुट के नेताओं ने विपक्ष पर हत्याकांड को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया है।इस मामले को लेकर ठाणे में दोनों शिवसेना गुटों के बीच राजनीतिक तनाव भी बढ़ा है। पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखी हुई है।
परिवार ने गिरफ्तारी की मांग जारी रखी
प्रदीप पूर्णेकर के बेटे राम पूर्णेकर ने कहा है कि केवल इस्तीफा देना पर्याप्त नहीं है। परिवार ने मीनाक्षी शिंदे और उनके पति की गिरफ्तारी की मांग दोहराई है। वहीं, मृतक के भाई ने मामले की जांच के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की अगुवाई में विशेष जांच की मांग उठाई है।परिवार का कहना है कि जांच निष्पक्ष और दबाव से मुक्त होनी चाहिए। दूसरी ओर, मीनाक्षी शिंदे और उनके पति आरोपों को खारिज कर चुके हैं। पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टेंभी नाका पर प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हलचल
पूर्णेकर हत्याकांड के बाद ठाणे में विरोध और राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं। मंगलवार और बुधवार को समर्थकों के प्रदर्शन के दौरान घोड़बंदर रोड पर यातायात प्रभावित होने और टायर जलाए जाने की घटनाएं सामने आई थीं। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर FIR भी दर्ज की।गुरुवार को आदित्य ठाकरे और संजय राउत के ठाणे दौरे के दौरान पुलिस ने दोनों पक्षों के प्रस्तावित मार्च को अनुमति नहीं दी। शहर में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। टेंभी नाका पर पार्षदों की मौजूदगी को लेकर भी चर्चाएं हुईं, लेकिन अधिकांश पार्षदों के अनुपस्थित रहने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
जांच के नतीजों पर टिकी नजर
मीनाक्षी शिंदे के इस्तीफे के बाद भी प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड की जांच जारी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, तस्वीरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि हत्या के पीछे का मकसद और सभी संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल मीनाक्षी शिंदे ने संगठनात्मक पद छोड़ दिया है, लेकिन उनके और उनके पति के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। मामले में दोष या जिम्मेदारी का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।