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कर्नाटक के अमीर नेता और कांग्रेस के संकटमोचक: जानें DK शिवकुमार की राजनीतिक ताकत और संपत्ति….

कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री कुर्सी को लेकर खींचतान जारी है। 2022 में सत्ता में लौटने के बाद से DK शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच सियासी जंग चली आ रही है। 1400 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति रखने वाले DK को कांग्रेस का संकटमोचक माना जाता है। आइए जानते हैं उनके राजनीतिक सफर, संपत्ति और कर्नाटक में उनकी ताकत।

⿡ कर्नाटक कांग्रेस में DK शिवकुमार की स्थिति
उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अहम भूमिका

DK शिवकुमार वर्तमान में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में उप मुख्यमंत्री हैं और जल संसाधन, शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल रहे हैं। 2020 से वे कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं। उनकी रैलियों और पदयात्राओं ने 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत में अहम योगदान दिया।

⿢ संपत्ति: 1400 करोड़ से अधिक
देश के सबसे अमीर नेताओं में शामिल

एडीआर रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक के कनकपुर से विधायक DK शिवकुमार की कुल संपत्ति करीब 1413 करोड़ रुपये है। इसमें 100 करोड़ की कृषि और गैर कृषि जमीन, 942 करोड़ की रियल एस्टेट और कॉमर्शियल संपत्तियां, और 84 करोड़ का बंगला शामिल है। तुलना करें तो सिद्धारमैया की संपत्ति केवल 52 करोड़ रुपये है।

⿣ राजनीति की शुरुआत और विधानसभा जीत
27 साल की उम्र में पहली बार विधायक बने

DK शिवकुमार का जन्म 15 मई 1962 को बेंगलुरु में संपन्न वोक्कालिगा परिवार में हुआ। 1980 में छात्र नेता के रूप में राजनीति में कदम रखने वाले DK 1989 में 27 साल की उम्र में कांग्रेस से मैसुरु जिले की साथन विधानसभा सीट जीतकर विधानसभा में पहुंचे। वे लगातार आठ बार विधायक रह चुके हैं।

⿤ व्यवसायिक गतिविधियां
रियल एस्टेट और एजुकेशन सेक्टर में कारोबार

शिवकुमार रियल एस्टेट, ग्रेनाइट और शिक्षा क्षेत्र में कारोबार करते हैं। यही राजनीतिक ताकत थी कि कांग्रेस टिकट न मिलने पर उन्होंने देवेगौड़ा और उनके बेटे कुमारस्वामी को चुनाव में हराया। उनके परिवार के राजनीतिक नेटवर्क और संपत्ति ने उन्हें राज्य में मजबूत स्थिति दिलाई।

⿥ कांग्रेस का संकटमोचक
एमएलए एकजुट करने की कला

2002 में महाराष्ट्र में कांग्रेस सरकार संकट में थी, तब DK ने अपने बेंगलुरु फॉर्महाउस में विधायकों को एक हफ्ते तक ठहराकर सरकार बचाई। 2017 में गुजरात राज्यसभा चुनाव में भी उन्होंने विधायकों को एकजुट रखा और अहमद पटेल की जीत सुनिश्चित की।

⿦ कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन में भूमिका
त्रिशंकु विधानसभा में पुल की भूमिका

2018 के विधानसभा चुनाव के बाद जब त्रिशंकु विधानसभा बनी, DK शिवकुमार ने कांग्रेस और जेडीएस को करीब लाने में बड़ी भूमिका निभाई। राहुल गांधी और सोनिया गांधी के करीबी माने जाने वाले DK ने गठबंधन मजबूत करने के लिए राजनीतिक समझदारी दिखाई।

⿧ विवाद और कानूनी चुनौतियां
आय से अधिक संपत्ति का मामला

DK शिवकुमार पर आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला भी चल रहा है। हालांकि उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताया है और इस मामले को अदालत में लड़ने की बात कही है।

कर्नाटक में मुख्यमंत्री की कुर्सी की जंग के बीच DK शिवकुमार न केवल कांग्रेस के संकटमोचक हैं, बल्कि संपत्ति, राजनीतिक अनुभव और पार्टी के अंदर प्रभाव के मामले में राज्य के सबसे शक्तिशाली नेताओं में गिने जाते हैं। उनके कदम अगले चुनावों और सत्ता समीकरण पर गहरा असर डाल सकते हैं।

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