सरकारी नौकरी की खुशी बनी मातम: नियुक्ति पत्र के बाद पिता की ट्रेन हादसे में दर्दनाक मौत
राजस्थान के डूंगरपुर जिले में एक बेहद दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। जहां एक परिवार में बेटे के सरकारी नौकरी में चयन की खुशी मनाई जा रही थी, वहीं कुछ ही देर बाद पिता की ट्रेन हादसे में मौत की खबर ने सब कुछ बदल दिया। असारवा-उदयपुर ट्रेन की चपेट में आने से 55 वर्षीय व्यक्ति की जान चली गई, जिससे घर की खुशियां पल भर में गहरे मातम में बदल गईं।
सरकारी नौकरी की खुशी से शुरू हुआ जश्न
राजपुर निवासी 55 वर्षीय गौतमलाल साद के परिवार में उस समय उत्सव जैसा माहौल था जब उनके बेटे जिम्मी साद का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद पर चयन हुआ। विजयाराजे सिंधिया ऑडिटोरियम में आयोजित मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव में जिम्मी को नियुक्ति पत्र सौंपा गया था। परिवार, रिश्तेदार और गांव के लोग इस उपलब्धि पर बधाई दे रहे थे। घर में मिठाइयाँ बंट रही थीं और भविष्य को लेकर उम्मीदों का नया सूरज उग रहा था। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह खुशी कुछ ही घंटों में भारी दुख में बदल जाएगी।
रेलवे ट्रैक पार करते समय हुआ हादसा
खुशी के माहौल के बीच गौतमलाल साद अपने खेत से घर लौट रहे थे। इसी दौरान साबेला बायपास के पास रेलवे ट्रैक पार करते समय अचानक असारवा–उदयपुर ट्रेन आ गई। तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। यह हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोग भी कुछ समझ नहीं पाए। जिस समय घर में बेटे की नौकरी की चर्चा चल रही थी, उसी समय यह दर्दनाक घटना पूरे परिवार की खुशियों को खत्म कर गई।
पुलिस कार्रवाई और परिवार में कोहराम
हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। प्रारंभिक जांच में मामला ट्रेन से टकराने का पाया गया है। वहीं, जैसे ही परिवार को पिता की मौत की खबर मिली, घर में कोहराम मच गया और खुशियों का माहौल चीख-पुकार में बदल गया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि हादसे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।