झालावाड़ में युवती को बेचने की कथित कोशिश, पुलिस ने महिला समेत 3 आरोपियों को पकड़ा
झालावाड़। राजस्थान के झालावाड़ जिले में युवती को बहला-फुसलाकर लाने और उसे दूसरे व्यक्ति को बेचने की कथित कोशिश का मामला सामने आया है। मनोहरथाना थाना पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए घोड़ाखेड़ा गांव से युवती को सुरक्षित छुड़ा लिया। मामले में एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में घोड़ाखेड़ा निवासी बालूसिंह गुर्जर और मध्यप्रदेश के नागदा निवासी शंकर चौहान व उसकी पत्नी काजल उर्फ सजनी शामिल हैं। पुलिस ने युवती को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
सूचना मिलने पर घोड़ाखेड़ा गांव पहुंची पुलिस
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार, 5 अक्टूबर को पुलिस को मामले की सूचना मिली थी। इसके बाद मनोहरथाना थाने की टीम तत्काल घोड़ाखेड़ा गांव पहुंची। वहां पुलिस को युवती मिली, जिसने अपने साथ हुई घटना के बारे में जानकारी दी।युवती ने आरोप लगाया कि बालूसिंह गुर्जर, शंकर चौहान और उसकी पत्नी काजल उर्फ सजनी उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ लाए थे। युवती के बयान के अनुसार, आरोपी उसे घोड़ाखेड़ा में किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की कथित तैयारी कर रहे थे।
समय रहते कार्रवाई कर युवती को छुड़ाया
सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। टीम ने युवती को कथित आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया और मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई।पुलिस ने युवती के बयान के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के पीछे क्या उद्देश्य था और मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।
एक आरोपी झालावाड़, दो मध्यप्रदेश के निवासी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार बालूसिंह गुर्जर झालावाड़ जिले के मनोहरथाना क्षेत्र के घोड़ाखेड़ा गांव का निवासी है। वहीं, शंकर चौहान और उसकी पत्नी काजल उर्फ सजनी मध्यप्रदेश के नागदा के निवासी बताए गए हैं।तीनों से मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में युवती को अपने साथ लाने की परिस्थितियों, कथित सौदे और आरोपियों के आपसी संपर्कों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई में मनोहरथाना थाना प्रभारी महेंद्र कुमार यादव, सहायक उपनिरीक्षक विनोद कुमार और कांस्टेबल रोहित, रविंद्र व कुसुम शामिल रहे। पुलिस टीम ने सूचना मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई कर युवती को सुरक्षित निकाला।
मानव तस्करी की आशंका समेत सभी पहलुओं की जांच
युवती को दूसरे व्यक्ति को बेचने की कथित कोशिश के आरोपों को देखते हुए पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि आरोपियों की भूमिका क्या थी और घटना में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता थी या नहीं।फिलहाल तीनों आरोपी गिरफ्तार हैं और युवती को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस की आगे की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होंगी।