Kailadevi Fair 2026: कैलादेवी शारदीय नवरात्र मेला कल से, लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
करौली। राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल कैलादेवी आस्थाधाम में शारदीय नवरात्र मेले की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। 11 से 20 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस मेले में राजस्थान सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मेले को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा, यातायात, दर्शन व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को जिला कलक्टर अक्षय गोदारा और पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को समय रहते सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने मंदिर परिसर का किया निरीक्षण
जिला कलक्टर अक्षय गोदारा ने कैलादेवी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास मार्गों का जायजा लिया। उन्होंने दर्शन के लिए कतार व्यवस्था, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, पेयजल, बिजली और साफ-सफाई की स्थिति देखी।शौचालयों की व्यवस्था और मेला मार्गों की मरम्मत को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। कलक्टर ने कहा कि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें।
चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं पर जोर
मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा दल, एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।इसके अलावा मेला मार्गों पर पर्याप्त रोशनी और संकेतक बोर्ड लगाने पर भी जोर दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को रास्तों की जानकारी आसानी से मिल सके। प्रशासन ने संबंधित विभागों से मेले से पहले जरूरी तैयारियां पूरी करने को कहा है।
कालीसिल नदी के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था
कैलादेवी मंदिर के पास स्थित कालीसिल नदी के घाटों पर भी सुरक्षा और साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया गया। अधिकारियों को जरूरत के अनुसार गोताखोरों और जीवनरक्षक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के कारण घाटों पर विशेष सतर्कता जरूरी है। प्रशासन का ध्यान संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराने पर रहेगा।
पुलिस अधीक्षक ने भीड़ नियंत्रण के दिए निर्देश
पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने मेला क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती और यातायात प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, पार्किंग स्थलों पर यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनाए रखना और आवागमन को सुचारू रखना है।
निरीक्षण में प्रशासनिक अधिकारी और मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधि मौजूद
निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी राकेश कुमार रावत, पुलिस उपाधीक्षक और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कैलादेवी मंदिर ट्रस्ट की ओर से प्रतिनिधि प्रदीप द्विवेदी भी उपस्थित थे।अधिकारियों ने मेले से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की और जरूरी तैयारियों को समय पर पूरा करने पर चर्चा की। शारदीय नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक दर्शन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।
कैलादेवी मंदिर का धार्मिक महत्व
कैलादेवी मंदिर करौली जिले में त्रिकूट पहाड़ियों के बीच कालीसिल नदी के किनारे स्थित है। यह राजस्थान के प्रमुख धार्मिक आस्था केंद्रों में गिना जाता है। नवरात्र के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।मंदिर से जुड़ी लोक परंपराओं में लांगुरिया गीतों और भजनों का विशेष स्थान है। मेले के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिलती है। राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं।
11 से 20 अक्टूबर तक चलेगा मेला
कैलादेवी शारदीय नवरात्र मेला 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक चलेगा। मेले से पहले प्रशासन ने मंदिर परिसर, मेला मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की समीक्षा की है।श्रद्धालुओं से अपील है कि वे प्रशासन और पुलिस के निर्देशों का पालन करें, निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें और नदी के घाटों पर सावधानी बरतें। मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति में संबंधित पुलिस या प्रशासनिक कर्मियों से सहायता लें।