झालावाड़: प्रचार में व्यस्त महिला सरपंच प्रत्याशी नामांकन से चूकीं, 10 मिनट की देरी पर नहीं मिला मौका; परिजनों ने किया हंगामा
झालावाड़: राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 के बीच खानपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत सूमर में नामांकन से जुड़ा एक मामला सामने आया है। सरपंच पद की प्रत्याशी मनभर बाई राव निर्धारित समय सीमा के करीब 10 मिनट बाद नामांकन जमा कराने पहुंचीं। समय निकल जाने के कारण रिटर्निंग अधिकारी ने उनका पर्चा स्वीकार नहीं किया। इसके बाद प्रत्याशी और उनके परिजनों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। इसी दौरान वहां मौजूद एक महिला बेहोश होकर सड़क पर गिर गई। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर समझाइश की और स्थिति संभाली।
सरपंच पद के लिए नामांकन कराने पहुंचीं मनभर बाई
जानकारी के अनुसार, सूमर निवासी मनभर बाई राव गुरुवार को सरपंच पद के लिए नामांकन पत्र जमा कराने पहुंचीं। लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के करीब 10 मिनट बाद पहुंचने के कारण रिटर्निंग अधिकारी ने उनका नामांकन स्वीकार करने से इनकार कर दिया।इस फैसले के बाद महिला प्रत्याशी और उनके परिजनों ने नाराजगी जताई। काफी देर तक मौके पर हंगामा होता रहा। परिजनों ने नामांकन स्वीकार करने की मांग की, लेकिन निर्धारित समय सीमा के कारण पर्चा जमा नहीं हो सका।
जोनल मजिस्ट्रेट की गाड़ी भी रुकवाई
हंगामे के दौरान वहां से गुजर रहे जोनल मजिस्ट्रेट के वाहन को भी रोक लिया गया। महिला प्रत्याशी और उनके परिजनों ने मजिस्ट्रेट से हस्तक्षेप कर नामांकन स्वीकार करवाने की अपील की।हालांकि, उनकी अपील के बावजूद नामांकन स्वीकार नहीं किया गया। निर्वाचन प्रक्रिया में नामांकन की निर्धारित समय सीमा का पालन जरूरी होता है। ऐसे में समय समाप्त होने के बाद पर्चा स्वीकार करने का निर्णय संबंधित चुनाव नियमों के अनुसार ही लिया जा सकता है।
हंगामे के बीच बेहोश होकर सड़क पर गिरी महिला
नामांकन स्वीकार नहीं होने के बाद प्रत्याशी और उनके परिजन भावुक हो गए। मौके पर मौजूद लोग रोने लगे। इसी दौरान एक महिला अचानक बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ी।घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने लोगों को समझाकर भीड़ को नियंत्रित किया और स्थिति को संभाला। बेहोश हुई महिला की पहचान और उसकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
एक महीने से कर रही थीं चुनाव प्रचार
जानकारी के अनुसार, मनभर बाई गांव में ढोल बजाने का काम करती हैं। वह पिछले करीब एक महीने से सरपंच पद के लिए चुनाव प्रचार में जुटी हुई थीं। उन्होंने गांव में अपनी दावेदारी को लेकर तैयारी भी की थी।लेकिन नामांकन जमा कराने की निर्धारित समय सीमा का ध्यान नहीं रहने या अन्य कारणों से वह समय पर नहीं पहुंच सकीं। करीब 10 मिनट की देरी के कारण उनका पर्चा स्वीकार नहीं हो पाया। इस घटनाक्रम ने चुनाव प्रचार के साथ नामांकन प्रक्रिया की समय-सीमा पर ध्यान देने की जरूरत भी सामने रखी है।
सूमर पंचायत में सरपंच पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित
ग्राम पंचायत सूमर में सरपंच पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। इसी आरक्षण के तहत मनभर बाई चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थीं।नामांकन स्वीकार नहीं होने के बाद अब उनके चुनाव लड़ने की स्थिति निर्वाचन नियमों और उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर निर्भर करेगी। फिलहाल इस मामले में रिटर्निंग अधिकारी के फैसले और आगे की निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी महत्वपूर्ण रहेगी।
नामांकन की समय सीमा का ध्यान रखना जरूरी
पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों को नामांकन पत्र निर्धारित तारीख और समय के भीतर जमा करना होता है। समय सीमा समाप्त होने के बाद पर्चा स्वीकार नहीं किए जाने की स्थिति बन सकती है।सूमर की इस घटना में करीब 10 मिनट की देरी के कारण महिला प्रत्याशी का नामांकन जमा नहीं हो सका। चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए प्रचार के साथ नामांकन, दस्तावेज और अन्य औपचारिकताओं का समय पर पूरा होना भी जरूरी है।