जोधपुर के पाल गांव में सरपंच चुनाव के बीच बवाल, पत्थरबाजी और गाड़ियों में तोड़फोड़
जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर जिले के पाल गांव में सरपंच चुनाव के बीच देर रात दो पक्षों के समर्थकों में विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया। घटना के दौरान पत्थरबाजी और कई वाहनों में तोड़फोड़ किए जाने की सूचना है। हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
देर रात प्रत्याशियों के समर्थक आमने-सामने आए
जोधपुर के पाल गांव में सरपंच चुनाव को लेकर रविवार देर रात विवाद हुआ। जानकारी के अनुसार, सरपंच पद की प्रत्याशी सुमित्रा, जो भल्लाराम सारण की पुत्रवधू हैं, और दूसरी प्रत्याशी रूपा देवी, जो श्रवणराम की पत्नी हैं, के समर्थकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।शुरुआत में मामूली विवाद बताया जा रहा है। लेकिन कुछ ही देर में दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के दौरान मारपीट और पत्थरबाजी होने की बात भी सामने आई है।
कई गाड़ियों में तोड़फोड़ का आरोप
विवाद के दौरान कई वाहनों को नुकसान पहुंचाए जाने की सूचना है। आरोप है कि उपद्रव के दौरान गाड़ियों के शीशे तोड़े गए। अचानक हुए हंगामे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें विवाद और हंगामे से जुड़े दृश्य दिखाई देने की बात कही जा रही है। हालांकि, वाहनों को हुए नुकसान और घटना में शामिल लोगों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। कुछ देर तक इलाके में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। फिलहाल किसी गिरफ्तारी की पुष्टि भी सामने नहीं आई है।
चुनावी विवाद की वजह जानने में जुटी पुलिस
प्रारंभिक जानकारी में विवाद की वजह को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच किसी मामूली बात पर कहासुनी हुई थी। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह और पथराव तथा तोड़फोड़ में शामिल लोगों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।पुलिस वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की पड़ताल कर सकती है। दोनों पक्षों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पंचायत चुनाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
पंचायत चुनाव के दौरान गांवों में प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज रहती हैं। ऐसे में विवाद की स्थिति में शांति बनाए रखना और मतदाताओं को बिना दबाव मतदान का अवसर देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।पाल गांव की घटना के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होगा कि विवाद कैसे शुरू हुआ और इसमें कौन-कौन शामिल थे।