झालावाड़ में दिल दहला देने वाला हादसा: आवारा कुत्तों ने 2 साल की बच्ची को घसीटकर मार डाला
राजस्थान के झालावाड़ जिले में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां आवारा कुत्तों के झुंड ने 2 साल की मासूम बच्ची को अपना शिकार बना लिया। बच्ची अपने पिता के साथ टेंट के बाहर सो रही थी, तभी 7–8 कुत्तों ने उस पर हमला कर उसे करीब 50 मीटर तक घसीट लिया। गंभीर रूप से घायल बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में डर और गुस्से का माहौल है।
टेंट के बाहर सो रही थी मासूम, अचानक हुआ हमला
यह दर्दनाक घटना शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे झालावाड़ के भाटिया वर्कशॉप इलाके में हुई। 2 साल की बच्ची गोरी अपने पिता के साथ अस्थायी टेंट के बाहर सो रही थी। तभी अचानक आवारा कुत्तों का झुंड वहां पहुंचा और बच्ची को निशाना बना लिया। सोते समय हुए इस हमले से बच्ची को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना इतनी अचानक और भयावह थी कि आसपास के लोग भी कुछ समझ नहीं पाए और जब तक कोई मदद पहुंचती, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
50 मीटर तक घसीटकर ले गए कुत्ते, पिता ने किया पीछा
मृतक बच्ची के पिता राजू लाल ने बताया कि 7–8 कुत्तों का झुंड बच्ची को उठाकर करीब 50 मीटर दूर तक घसीट ले गया। उन्होंने तुरंत कुत्तों का पीछा किया और किसी तरह उन्हें भगाया, लेकिन तब तक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। पिता ने उसे गोद में उठाकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दौरान पिता का दर्द और बेबसी देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।
मजदूरी कर परिवार चला रहा था पिता, बारां का रहने वाला
बच्ची के पिता राजू लाल मूल रूप से बारां जिले के भंवरगढ़ इलाके के निवासी हैं। वे मजदूरी और ढोल बजाने का काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। करीब डेढ़ महीने पहले ही वे काम की तलाश में झालावाड़ आए थे और अस्थायी टेंट में रह रहे थे। इस हादसे ने उनके परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। मासूम की मौत के बाद पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
इलाके में 20 से ज्यादा आवारा कुत्ते, लोगों में डर
स्थानीय लोगों के अनुसार इलाके में 20 से अधिक आवारा कुत्ते झुंड बनाकर घूमते हैं, जिससे लगातार खतरा बना रहता है। इस घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है और लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
4 दिन में दूसरी घटना, प्रशासन पर उठे सवाल
हाड़ौती क्षेत्र में यह चार दिन के भीतर दूसरी ऐसी घटना है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी एक बच्ची पर कुत्तों ने हमला कर उसे मार डाला था। लगातार हो रही इन घटनाओं के बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता लोगों के गुस्से का कारण बन रही है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।