हाई-प्रोफाइल चोरी का पर्दाफाश: रिटायर्ड IRS अफसर के बेटे ने बनाया गैंग, 10 करोड़ की ज्वेलरी पर किया हाथ साफ
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुई एक सनसनीखेज हाई-प्रोफाइल चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि गैंग का सरगना एक रिटायर्ड IRS अधिकारी का बेटा है, जो लग्जरी लाइफस्टाइल और भारी कर्ज के दबाव में अपराध की राह पर उतर गया। पुलिस ने करीब 10 करोड़ रुपये की ज्वेलरी चोरी के इस केस में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर अधिकांश सामान बरामद कर लिया है।
पॉश इलाके के विला को बनाया निशाना
यह पूरी वारदात लखनऊ की एक हाई सिक्योरिटी टाउनशिप में स्थित लग्जरी विला में अंजाम दी गई। मकान मालिक परिवार सहित बाहर गया हुआ था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से घर में प्रवेश किया। बालकनी के रास्ते दूसरी मंजिल से घुसकर गैंग ने लाखों नहीं बल्कि करोड़ों की ज्वेलरी पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में ही साफ हो गया कि यह काम पेशेवर और प्लानिंग के साथ किया गया है।
ऑडी कार और हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल ने खोले राज
जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिले, जिसमें एक लग्जरी ऑडी कार संदिग्ध रूप से नजर आई। इसी कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी अच्छे परिवारों से हैं और पॉश इलाकों में रहते थे। उनके पास महंगी गाड़ियां और आलीशान रहन-सहन था। पुलिस ने इनके कब्जे से 57 पीस ज्वेलरी, करीब 15 लाख रुपये नकद, एक ऑडी कार और एक लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद किया है, जिससे इनके हाई-प्रोफाइल नेटवर्क का भी खुलासा हुआ।
पहले की रेकी, फिर सटीक वारदात
पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग के सरगना ने चोरी से पहले इलाके की पूरी रेकी की थी। वह कुछ समय के लिए पास के एक विला में रहकर आसपास की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था को समझता रहा। सही समय का इंतजार करने के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पूरी योजना इतनी बारीकी से बनाई गई थी कि बिना शोर किए घर में घुसकर करोड़ों का सामान साफ कर दिया गया।
चोरी का माल प्रयागराज में छिपाया, कुछ बेच भी दिया
वारदात के बाद आरोपी तुरंत शहर छोड़कर प्रयागराज पहुंच गए, जहां चोरी की ज्वेलरी को अलग-अलग जगहों पर छिपाया गया। कुछ सामान को आरोपियों ने बेच भी दिया था, जिससे उन्हें तुरंत कैश मिल सके। पुलिस ने दबिश देकर अधिकतर सामान बरामद कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया कि चोरी से मिली रकम को बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स में लगाया गया था, जिसे पुलिस ने फ्रीज कर दिया है।
ऑनलाइन सट्टेबाजी में नुकसान बना अपराध की वजह
पूरे मामले की सबसे अहम वजह आर्थिक दबाव और ऑनलाइन सट्टेबाजी में हुआ भारी नुकसान बताया जा रहा है। मुख्य आरोपी करोड़ों रुपये ऑनलाइन बेटिंग और ट्रेडिंग में गंवा चुका था। उसने अपना मकान बेचकर मिली एडवांस रकम भी इसी में खो दी। कर्ज बढ़ने और लग्जरी लाइफस्टाइल बनाए रखने के दबाव में उसने अपराध का रास्ता चुना और अपने साथियों के साथ मिलकर इस गैंग का गठन किया।
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। मामले का खुलासा करने वाली टीम को इनाम देने की भी घोषणा की गई है। पुलिस अब इस गैंग के अन्य संभावित कनेक्शन और नेटवर्क की भी जांच कर रही है, ताकि इस तरह के हाई-प्रोफाइल अपराधों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।